हिंदी साहित्य भारती, आंध्र प्रदेश इकाई के आजीवन सदस्यों की बैठक आज सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक में लगभग 30 सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
बैठक की अध्यक्षता आंध्र प्रदेश इकाई की अध्यक्ष डॉ. पी. के. जयरलक्ष्मी, जन संपर्क अधिकारी एवं पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष, संत जोसफ महिला महाविद्यालय, विशाखापत्तनम ने की। उन्होंने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए हिंदी साहित्य भारती के मिशन, विज़न एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने के लिए सभी सदस्यों से सहयोग एवं सहभागिता बढ़ाने का आग्रह किया।
इस अवसर पर सचिव डॉ. हैमावती, कोषाध्यक्ष बी. राधारानी तथा उपाध्यक्ष डॉ. महालक्ष्मी एवं डॉ. नीरजा उपस्थित रहीं।
मानद अध्यक्ष डॉ. एस. कृष्ण बाबू ने बैठक के एजेंडा पर विस्तार से चर्चा की तथा सनातन धर्म, हिंदी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार हेतु विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर बल दिया।
इस अवसर पर केंद्र समिति के सदस्य डॉ. के. राजशेखर, अधिवक्ता ने 16 से 18 मई 2026 तक शिर्डी साई शैक्षणिक संकुल, शिर्डी में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन के बारे में जानकारी दी। यह अधिवेशन
दी साहित्य भारती इंटरनेशनल के संस्थापक अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रविंद्र शुक्ल के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में आयोजित किया गया था।
सदस्यों ने संस्था द्वारा हाल ही में आयोजित गतिविधियों की समीक्षा की तथा आगामी कार्यक्रमों जैसे साहित्यिक संगोष्ठी, काव्य पाठ, निबंध प्रतियोगिता, हिंदी कार्यशाला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया।
सभी सदस्यों ने हिंदी साहित्य भारती की गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने तथा राज्यभर में इसके विस्तार हेतु सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
अंत में वेदुला वासुदेव राव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा बैठक का समापन हुआ



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