. K.V.SHARMA EDITOR आंध्र प्रदेश आर्थ्रोस्कोपी एसोसिएशन (AAAP) के तहत पहला AAAPCON स्टेट कॉन्फ्रेंस 11 और 12 जुलाई को विशाखापत्तनम के नोवोटेल होटल में बड़े धूमधाम से आयोजित किया गया। देश भर से 25 से ज़्यादा मास्टर फैकल्टी और 40 रीजनल फैकल्टी ने कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। मेडिकवर हॉस्पिटल, विशाखापत्तनम में घुटने और कंधे की आर्थ्रोस्कोपी से जुड़ी छह लाइव सर्जरी की गईं और इसमें शामिल डॉक्टरों को लेटेस्ट सर्जिकल टेक्नीक दिखाई गईं। इस इवेंट में इंडियन आर्थ्रोस्कोपी सोसाइटी के प्रेसिडेंट डॉ. एस.आर. सुंदरराजा, वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पराग संचेती और एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य मौजूद थे। जाने-माने आर्थ्रोस्कोपी एक्सपर्ट डॉ. सचिन तपस्वी, डॉ. भूषण सबनीस, डॉ. रोशन वेड, डॉ. पूर्णचंद्र तेजस्वी, डॉ. अय्यप्पन नायर ने लाइव सर्जरी करके अपनी एक्सपर्टीज़ दिखाई। यह कॉन्फ्रेंस बहुत सफल रही और पूरे दक्षिण भारत से 350 से ज़्यादा डेलीगेट्स ने इसमें हिस्सा लिया। 11 जुलाई को हुई प्री-कॉन्फ्रेंस HTO वर्कशॉप में लगभग 100 डेलीगेट्स ने हिस्स...
से रोशनी की ओर सुबह से शाम तक रोशनी से अंधेरे की ओर कोई दीया बिना पिघले नहीं जला यही सब ज़िंदगी की लड़ाई है कितना अजीब डेवलपमेंट से बुढ़ापे तक एक अंकुर जहाँ गिरा एक चक्कर जो चक्कर लगाकर सर्कल पूरा करता है ज़िंदगी जो बीच में नहीं छूटती अनुभव वो है जो रास्ते में मिलता है यही सब ज़िंदगी की लड़ाई है कितना अजीब शून्य से अनंत तक अनंत से अनंत तक मुश्किल सपने भी पानी बनकर सच होते हैं खुशी के आँसू उनके नाम होने चाहिए शुरू से शुरू तक, ये चाहत यही सब ज़िंदगी की लड़ाई है कितना अजीब हारे तो अकेले रह जाओगे जीते तो लोग घिरे रहेंगे गहरी खाई में अगर अपना लक्ष्य पा लिया तो खूबसूरत हो जाओगे एक इंसान की दो परछाईं यही सब ज़िंदगी की लड़ाई है कितना अजीब के.वी. शर्मा संपादक विशाखापत्तनम दर्पण और विशाखा संदेश समाचार पत्रिका विशाखापत्तनम