. Dr Sailesh vania Buero Chief Gujarat आणन्द गुजरात 21 जून 2026 विश्र्व योग दिवस पर सुबह 7.00 बजे संस्था द्वारा फटाफट ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ गुलाबचंद पटेल गुजरात अहमदाबाद उपस्थित थे। अतिथि के रूप में के वी शर्मा विशाखापत्तनम आंध्र प्रदेश समाचार संपादक थे सरस्वती वंदना उषा दावडा गुजरात द्वारा । अतिथियों का परिचय और स्वागत संस्था अध्यक्ष डॉ शैलेष वाणिया शैल द्वारा किया। प्रीति परमार 'प्रीत' ने व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म की सुंदरता बढ़ाई। इस अवसर पर कुल 31 कवि मित्रों नेअपनी रचनाएँ स्क्रीन पर उतारीं। व्हाट्सएप ग्रुप में 616 की भीड़ थी। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष द्वारा डिजिटल सर्टिफिकेट वितरित किए गए। तैयारकरने वाले 'शैल' जी थे आभार दर्शन किरण चोनकर दीवानी धरमपुर गुजरात द्वारा । इस कवि सम्मेलन में गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, बंगाल आदि राज्यों के कवित्रियों ने उत्साह से भाग लिया। राष्ट्रगान 9.30 बजे जामाभा...
2016 में, जाने-माने एक्टर सयाजी शिंदे को अपनी 92 साल की माँ को खोने का डर हमेशा सताता रहता था। भले ही उन्हें पता था कि वह उन्हें हमेशा अपने साथ नहीं रख पाएंगे, फिर भी उन्होंने उनकी यादों को ज़िंदा रखने का एक शानदार तरीका चुना।
“मैंने अपनी माँ से कहा... ‘मैं इतना मज़बूत नहीं हूँ कि आपको हमेशा ज़िंदा रख सकूँ, माँ। इसीलिए मैंने आपको बीजों से तौलकर पूरे महाराष्ट्र में बोने का फ़ैसला किया। एक दिन, वे बीज बड़े पेड़ बनेंगे, खिलेंगे, फल देंगे और छाया देंगे। मैं उन फूलों की खुशबू में, उन पेड़ों की छाँव में हमेशा आपकी मौजूदगी महसूस करूँगा। मैं आपको हमेशा-हमेशा के लिए अपने दिल में रखूँगा’।” एक बेटे की अपनी माँ से कही ऐसी इमोशनल बात, बाद में उसकी ज़िंदगी का मकसद बन गई। आज, सयाजी शिंदे ने पूरे महाराष्ट्र के 48 इलाकों में 6.5 लाख से ज़्यादा पौधे लगाने में मदद की है। उस समय लगाए गए कई पौधे अब घने जंगल बन गए हैं, जो न सिर्फ़ पर्यावरण की रक्षा कर रहे हैं... बल्कि कई लोगों को फल और छाया भी दे रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों को नई उम्मीद दे रहे हैं। 🌱🌳 यह एक बेटे की तरफ़ से माँ के प्यार को एक शानदार श्रद्धांजलि है... आज भी, माँ का वह प्यार हर पेड़ के रूप में साँस ले रहा है!