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अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस

अंधेरे के परदे हटाने के लिए, ज़िंदगी के नए रास्ते बनाने के लिए, चलो लिटरेसी की मशाल जलाएं - चलो अज्ञानता के कोहरे को पिघलाएं! किसान की मुश्किलों पर रोशनी डालें, मज़दूर के दिलों में हिम्मत बढ़ाएं, शिक्षा हर दरवाज़े पर पहुंचाएं, तरक्की का रथ आगे बढ़ाएं! कलम उठाओगे तो नज़रिया बदलेगा, लिखोगे तो जीने का तरीका बदलेगा, देश के भविष्य की नींव रखी जाएगी, ज्ञान का महल शान से खड़ा होगा! आओ... लिटरेसी फैलाएं, चलो सबको शिक्षा दें, चलो अज्ञानता को दूर भगाएं - चलो एक प्रोग्रेसिव इंडिया बनाएं! कविता के.वी. शर्मा एडिटर विशाखा संदेश और विशाखापट्नम दर्पण समाचार पत्रिका विशाखापट्नम सेल नंबर 7075408286 द्वारा रचित
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श्रीकृष्ण का छठीहार उत्सव 9 सितंबर को, भक्तों के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था |

.    Dr Raghawendra Mishra Excutive Editor  विशाखापत्तनम। पूर्वांचल कीर्तन एवं पूजा समिति, श्री दुर्गा मंदिर, त्रिनाथपुरम के तत्वावधान में भगवान श्रीकृष्ण का छठीहार उत्सव 9 सितंबर को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन शाम 6 बजे से श्री दुर्गा मंदिर परिसर में किया जाएगा। उत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की सामूहिक पूजा-अर्चना एवं छठीहार कार्यक्रम आयोजित होगा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था भी की गई है। समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी भक्तजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति ने विशेष रूप से हरि ॐ महिला कीर्तन मंडली की सभी सदस्यों के समर्पण, सहयोग और भक्ति भावना की सराहना करते हुए उनके प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। स्थान: श्री दुर्गा मंदिर, त्रिनाथपुरम, विशाखापत्तनम दिनांक: 9 सितंबर 2026 समय: शाम 6 बजे से मुख्य आकर्षण: सामूहिक छठीहार एवं महाप्रसाद...

जारीकर्ता: डॉ. पी. जगदीश्वर राव, डिस्ट्रिक्ट मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर, विशाखापत्तनम, तारीख: 07.09.2026

विशाखापत्तनम -सब-डिस्ट्रिक्ट लेवल मल्टी-मेंबर एप्रोप्रिएट अथॉरिटी और फीटल सेक्स डिटरमिनेशन कमेटी की एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ऑफिस के RDO चैंबर में श्री एस. दिलीप चक्रवर्ती, रेवेन्यू डिवीजन ऑफिसर, विशाखापत्तनम की अध्यक्षता में हुई। डॉ. वाई.डी. कल्याणी ने सभी कमेटी मेंबर्स को इस मीटिंग में बुलाया और मीटिंग को संबोधित करते हुए बताया कि जिले के सभी स्कैनिंग सेंटर्स का इंस्पेक्शन कर लिया गया है  और सही निर्देश दिए गए हैं, और ये इंस्पेक्शन हर तीन महीने में किए जाएंगे। RDO ने संबोधित करते हुए निर्देश दिया कि सभी स्कैनिंग सेंटर्स का सही समय पर इंस्पेक्शन किया जाए और डिकॉय ऑपरेशन रेगुलर किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्राइवेट हॉस्पिटल्स में नॉर्मल डिलीवरी की जाए। उन्होंने उन इलाकों की पहचान करने का निर्देश दिया जहां अजन्मे बच्चों का अनुपात कम है  और वहां इस नारे के साथ जागरूकता फैलाई जाए कि भ्रूण का लिंग निर्धारण कानून के तहत अपराध है और यह पक्का करने के लिए कदम उठाए जाएं कि IEC प्रोग्राम सभी इलाकों में बार-बार पहुंचें। उन्होंने स्कैनिंग सेंटर में जाते समय...

एक पत्रकार का दिल

एक पत्रकार सच के लिए  लड़ने वाला सिपाही है, एक पत्रकार समाज के अंधेरे को  चीरती रोशनी की किरण है। एक बहादुर आदमी जो कलम उठाकर  जंग के मैदान में कूद पड़ता है, एक लगातार काम करने वाला  जो सच को सामने लाता है। एक दिल जो पीछे नहीं हटता,  भले ही उसकी जान चली जाए, एक आवाज़ जो सत्ता के घमंड  के सामने खड़ी होती है, भले ही उसे कई धमकियों और  दबावों का सामना करना पड़े, वह हीरे जैसा हथियार है  जो इंसाफ के साथ खड़ा होता है। इस सफर में दिन और  रात का कोई फर्क नहीं है, इस जिंदगी में न खाना है , न समय पर सोना है। खबरों की लगातार चाहत, हर लड़ाई समाज की भलाई के लिए है। ये वो दिन हैं जो ईमानदारी  का इम्तिहान लेते हैं, झूठ के बीच सच की  रक्षा करना मुश्किल है। फिर भी, कलम नहीं रुकेगी , आवाज़ नहीं खामोश होगी, एक पत्रकार की सांस  कभी झूठी नहीं होगी।  के.वी.शर्मा द्वारा रचित कविता संपादक विशाखा संदेशम और विशाखापट्टनम दर्पण समाचार पत्रिका विशाखापत्तनम सेल नंबर 7075408286

साहिब, सिंध, सुल्तान…जिनकी बदौलत पटरी पर दौड़ी भारत की पहली पैसेंजर ट्रेन, कुछ ऐसी है भारतीय रेलवे की गाथा 

नई दिल्ली। रेलवे की शुरुआत का श्रेय भले ही भारत को गुलाम बनाने वाले अंग्रेजों को दिया जाता है लेकिन आज यह आम आदमी की मूलभूत जरूरत बन चुकी है। इसके बिना तो हम कहीं किफायती तरीके से जाने की कल्पना भी नहीं कर सकते, पर कभी आपने सोचा है कि जब पहली बार ट्रेन भारत में चली होगी तो उसका मंजर कैसा रहा होगा? चलिए आज आपको भारत में शुरू हुई पहली पैसेंजर ट्रेन के ऐतिहासिक सफर पर ले चलते हैं।  भारतीय की पहली पैसेंजर ट्रेन की कहानी  16 अप्रैल 1853 के दिन भारत में पहली बार पैसेंजर ट्रेन पटरियों पर दौड़नी शुरू हुई थी। उस समय दोपहर के साढ़े तीन बज रहे थे और 400 यात्रियों को लिए यह ट्रेन मुंबई के बोरीबंदर स्टेशन से ठाणे के लिए रवाना हो रही थी। इसे अपने गंतव्य तक पहुंचने में 1 घंटे 15 मिनट का समय लगा।   पहली ट्रेन के इंजन: साहिब, सिंध और सुल्तान पहली पैसेंजर ट्रेन को चलाने के लिए ब्रिटेन से खास तीन इंजन मंगवाए गए थे, जिनके नाम रखे गए : साहिब, सिंध और सुल्तान। इन्हीं तीन इंजनों की मदद से ट्रेन को खींचा गया और तब जाकर 14 डिब्बों वाली यह रेल अपने गंतव्य तक पहुंच पाई। कहते हैं कि इन इंजनों को ...

एक सारस्वत ब्राह्मण राजा तलवार से नहीं हारा तो उसे गद्दारों ने हरा दिया

 जब अरब के लुटेरे भारत की तरफ आंख उठाकर देखते तो उन्हें सिंध की सीमा पर एक शेर सारस्वत ब्राह्मण राजा दाहिर सेन तैयार मिलता। जिसके नाम से अरबों में खलबली मच जाती। कश्मीर से सिंध तक विजय का परचम लहराने वाला ये सारस्वत ब्राह्मण राजा मात्र 12 साल की उम्र में तलवार का धनी बन गया था  आज इतिहास उस राजा को भूल गया क्योंकि उस राजा ने अरबों के 14 हमलों को नाकाम किया था।  ओर वो पहला ऐसा शख्स था जिसने मोहम्मद बिन कासिम को रोकने के लिए अपना सीना तान कर खड़ा हो गया था। जब मोहम्मद बिन कासिम राजा दाहिर सेन को तलवार से हरा नहीं पाया तो अपनों को ही तैयार किया पीठ में खंजर भोंकने के लिए। जिन लोगों को अपने राज्य में राजा दाहिर सेन ने श्ररण दी वो लोग ही मुहम्मद बिन कासिम से मिल गये। ओर उस भंयकर युद्ध में राजा दाहिर सेन गद्दारों की चाल में फंसकर उलझ गए। ओर गद्दारों ने उस दुश्मन मोहम्मद बिन कासिम को मौका दे दिया कि अब रास्ता साफ है। कर दो काम तमाम। उनकी इस गद्दारी से एक हिंदु का शासन खत्म हो गया  वो गद्दार कोई ओर नहीं अपने ही हिंदू भाई थे जिनके नाम "मोका और रासिल"" थे केवल धन ओर गद्दी के ल...

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भारत के माल ढुलाई के परिदृश्य को बदल रहे हैं*

विशाखापत्तनम विशाखापत्तनम दर्पण समाचार ज़्यादा क्षमता वाला माल ढुलाई नेटवर्क लॉजिस्टिक्स की दक्षता, औद्योगिक कनेक्टिविटी और टिकाऊ परिवहन को मज़बूत करता है डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) नेटवर्क के चालू होने से भारत के माल ढुलाई परिवहन सिस्टम में बड़ा बदलाव आ रहा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) द्वारा विकसित, DFC नेटवर्क को प्रमुख औद्योगिक, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और खपत केंद्रों के बीच ज़्यादा क्षमता वाली, कुशल और भरोसेमंद रेल कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस नेटवर्क में 1,337 किलोमीटर लंबा ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) शामिल है, जो पंजाब में न्यू साहनेवाल को बिहार में न्यू सोननगर से जोड़ता है, और 1,506 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) है, जो उत्तर प्रदेश में न्यू दादरी को महाराष्ट्र में न्यू JNPT से जोड़ता है। ये दोनों कॉरिडोर मिलकर 2,843 किलोमीटर का ज़्यादा क्षमता वाला माल ढुलाई रेलवे नेटवर्क बनाते हैं। 31 मार्च 2026 को लगभग 102 किलोमीटर लंबे वैतरणा-JNPT सेक्शन के पूरा होने के साथ एक बड़ी उपलब्धि ...