९ मे २०२५ को सुबह ८.३० बजे खंभोलज साहित्य सेवा संस्था द्वारा 'खुशी ' विषय पर फटाफट ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ गुलाबचंद पटेल गुजरात अतिथि विशेष के रूप आंध्र प्रदेश, विशाखापत्तनम से के. वी. शर्मा जी थे। सरस्वती वंदना उषाबेन दावड़ा ने की। मेहमानों का परिचय और स्वागत डॉ. शैलेष वाणिया 'शैल' ने किया। संस्था की नेशनल सेक्रेटरी प्रीति परमार 'प्रीत' ने व्हाट्सएप फोरम की खूबसूरती बढ़ाई। इस मौके पर कुल 26 कवि दोस्तों ने अपनी रचनाएं स्क्रीन पर उतारीं। ग्रुप में 633 लोगों की भीड़ थी। प्रोग्राम में डिजिटल सर्टिफिकेट संस्था की प्रेसिडेंट द्वारा दिया गया। अंतमे धन्यवाद किरण चोनकर 'दीवानी' थी, कवि सम्मेलन में गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, बंगाल आदि राज्यों के कवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सुबह 1.00 बजे फोरम आर. मेहता ने राष्ट्रगान पेश किया, और आखिर में भारत माता की जय के साथ विदाई ली। Dr Sailesh vania Master ji Beuro chief Gujarat
हंसी से मिलने वाली खुशी, दिल का मीठा गाना। छोटी-छोटी उम्मीदें फूलों की माला की तरह होती हैं, चांदनी की तरह जो दिल को छू जाती है। ज़िंदगी मुश्किलों से पार पाने, गुस्सा छोड़ने, हर पल का मज़ा लेने, और खुशी से जीने के बारे में है! पूरी मुस्कान के पीछे, सच्ची खुशी छिपी होती है। भले ही वह कुछ देर के लिए हो, वह एहसास बहुत बढ़िया होता है! के वी. शर्मा विशाखापत्तनम आंध्र प्रदेश