वाल्टेयर डिवीज़न ने रेलवे सर्विस से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को विदाई देने के लिए विशाखापत्तनम के श्री श्रीनिवास कल्याण मंडपम में एक रिटायरमेंट फंक्शन रखा। फंक्शन की अध्यक्षता डिविजनल रेलवे मैनेजर श्री ललित बोहरा ने की। यह इवेंट सीनियर डिविजनल पर्सनल ऑफिसर श्री जुसुफ कबीर अंसारी की देखरेख में पर्सनल डिपार्टमेंट ने अरेंज किया था। इस शानदार सेरेमनी में ADRM (इंफ्रास्ट्रक्चर) श्री ई. संथाराम, ADRM (ऑपरेशंस) श्री के. रामा राव, यूनियन के रिप्रेजेंटेटिव, ब्रांच ऑफिसर और अलग-अलग डिपार्टमेंट के अधिकारी शामिल हुए। मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, DRM श्री ललित बोहरा ने कहा कि रिटायरमेंट हर कर्मचारी की ज़िंदगी का एक ज़रूरी पड़ाव है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि रिटायरमेंट परिवार को क्वालिटी टाइम देने और समाज की सार्थक सेवा करने का मौका देता है। उन्होंने रेलवे की ग्रोथ और डेवलपमेंट में हर रिटायर हो रहे कर्मचारी के कीमती योगदान की तारीफ़ की, और कहा कि उनकी डेडिकेटेड सर्विस ने न सिर्फ़ ऑर्गनाइज़ेशन को मज़बूत किया बल्कि उनकी पर्सनल और प्रोफ़ेशनल ज़िंदगी को भी बेहतर बनाया। लोगों का स्वागत कर...
उत्तर प्रदेश के हिंदी रचनाकार नागेन्द्र त्रिपाठी नेपाल में मातृभाषा रत्न सम्मान से अलंकृत ----------------+------------ -12 पुस्तकों के यशस्वी लेखक हैं नागेन्द्र त्रिपाठी ----------+------------------ -गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी सम्मिलित है नागेन्द्र त्रिपाठी का नाम
गाजियाबाद । गाजियाबाद के सुप्रसिद्ध लेखक, कवि, साहित्यकार व समाजसेवी नागेन्द्र त्रिपाठी को नेपाल की राजधानी काठमांडू में मातृभाषा रत्न अंतर्राष्ट्रीय मानद उपाधि सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें मातृभाषा हिन्दी के प्रचार - प्रसार व उन्नयन में उल्लेखनीय योगदान हेतु दिया गया। यह गरिमामयी सम्मान नेपाल की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल द्वारा प्रदान किया गया। समारोह का उद्देश्य नेपाल-भारत मैत्री विकास, देवनागरी लिपि के संरक्षण एवं संवर्धन, हिंदी-नेपाली जैसी मैत्री भाषाओं के वैश्विक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ देश-विदेश के कवि, लेखक, साहित्यकार एवं शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर नेपाल, भारत सहित पाँच देशों के अनेक साहित्यिक एवं शैक्षिक प्रतिभाओं को मातृभाषा रत्न मानद उपाधि तथा मातृभाषा गौरव सम्मान से अलंकृत किया गया। इसी क्रम में नागेन्द्र त्रिपाठी को उनके उल्लेखनीय साहित्यिक, शैक्षिक एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान कर सम्मानित किया गया। नागेन्द्र त्रिपाठी के साथ ही चार देश...