लाडनूं । सुधर्मा सभा में आचार्य महाश्रमण ने अपने 65वें जन्मोत्सव पर पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि प्रश्न हो सकता है कि जन्म क्यों होता है? एक दिन में कितने बच्चों का तो कितने पशुओं का और भी कितने-कितने प्राणियों का जन्म होता होगा। जन्म के संदर्भ में कहा गया है कि प्रमादी जीव बार-बार जन्म लेता है, गर्भ में आता है। आदमी के भीतर चार कषाय होते हैं- क्रोध, मान, माया और लोभ। इन कषायों की प्रबलता के कारण अगले जन्म के मूल का अभिसिंचन किया करते हैं। जन्म को भी दुःख कहा गया है, लेकिन मानव जीवन मिलना भी मानों महत्त्वपूर्ण है। मानव जन्म लिए बिना जन्म-मरण से मुक्ति नहीं मिल सकती, इसलिए मानव जन्म का अपना महत्त्व है। जन्म लेना भाग्य की बात होती है, लेकिन पुरुषार्थ करना अपने हाथ की बात होती है। आदमी को यह सोचना चाहिए कि जन्म तो लाडनूं। आचार्य महाश्रमण के जन्मोत्सव पर गीतिका प्रस्तुत करते हुए कार्यकर्ता भाग्य से मिल गया, लेकिन अब मुझे सत्युरुषार्थ करना चाहिए। वह मानव मानो धन्य होता है तो अपने जीवन में सत्पुरुषार्थ करता है, शुभ योगों की प्रवृत्ति में रहता है और अपनी आत्मा के कल्याण का प्रयास करता है। स...
तारीख 25/4/2026 सनराइज एजुकेशन एंड वेलफेयर एसोसिएशन (सेवा) संस्था ने खंभोलज साहित्य सेवा संस्था के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. शैलेष वाणिया 'शैल' को ऑनलाइन डॉ. बी.आर. अंबेडकर नेशनल अवॉर्ड 2026 दिया गया । संस्था का मुख्य मकसद 'शैल' को उनकी उपलब्धियों और मशहूर साहित्यिक दुनिया में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। हम आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। डॉ. मोहम्मद आकिब अंसारी सेवा फाउंडेशन के फाउंडर प्रेसिडेंट और मकसूद अली ट्रेजरर रजा इंटरनेशनल रिलीफ ट्रस्ट, हाजी जलालुद्दीन कादरी प्रेसिडेंट जामिया हुनफिया कवादरिया ट्रस्ट, और धराधाम इंटरनेशनल के डायरेक्टर, डॉ.एहसानअहमद महाराष्ट्र मुंबई Mob.:7897826573 की मिली-जुली पहल से दिया गया है। K.V.SHARMA EDITOR