K.V.SHARMA EDITOR विशाखापत्तनम :विशाखापत्तनम दर्पण समाचार:बातचीत ऑपरेशनल तैयारी, समुद्री सुरक्षा, चल रही पहल और कर्मचारियों की भलाई से जुड़े खास पहलुओं पर फोकस रही, जिससे लड़ाई की तैयारी और मिशन की प्रभावशीलता के लिए इंडियन नेवी के कमिटमेंट की पुष्टि हुई।
बचपन हमारे लिए एक आशीर्वाद है जब हम बड़े हुए, तो हमें पैसे की कीमत पता चली हमें लोगों की कीमत और भी ज़्यादा पता चली वो दिन जब हम 10 पैसे में सौदा करते थे 5 पैसे की आइसक्रीम खाकर स्वर्ग देखने की खुशी वो रातें जब हम पुरानी किताबें खरीदते और पढ़ते थे वो शामें जब हम रेडियो पर गाने सुनते-सुनते सो जाते थे ये सब सिर्फ़ यादें नहीं हैं एक खूबसूरत दौर उस समय, हर घर में चूल्हा होता था लोग उस चूल्हे पर रहते थे अब बड़े-बड़े घर हैं लेकिन उस चूल्हे जैसा कनेक्शन नहीं दिखता पड़ोसी रिश्तेदार जैसे थे उनके घर में जो भी बनता था, हमारे घर आता था हमारे घर में जो भी बनता था, उनके घर जाता था भले ही दीवारें अलग थीं हमारे मन एक थे हम राशन की लाइन में खड़े होते थे लेकिन हमने सब्र करना सीखा हम बिना जूतों के स्कूल जाते थे लेकिन हम ज़िंदगी में ऊँचे उठे भले ही लग्ज़री नहीं थीं, वैल्यूज़ थीं भले ही सुविधाएँ नहीं थीं, खुशी थी गोले टोक्कुडू बिल्ला उन खेलों में सिर्फ़ जीत और हार नहीं होती थी दोस्ती थी सहयोग था ज़िंदगी थी हम वो थे जो गंगिरेद्दू का इंतज़ार करते थे वो जो तोते की भविष्यवाणी ...