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भारत का इकलौता जिला जहां 97 नदियां बहती हैं, बताने वाला GK का एक्सपर्ट

भारत देश को नदियों का घर कहा जाता है। यहां गंगा, ब्रह्मपुत्र, यमुना, सिंधु, नर्मदा और गोदावरी जैसी सात प्रमुख नदियों संग्रह है। इसके अलावा भी देशभर में कई प्रमुख नदियां हैं। वहीं भारत के कई जिलों में 17 तो कई में 47 नदियां हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का इकलौता जिला कौन सा है जहां 97 नदियां हैं। यदि आप बता देते हैं कि भारत के किस जिले में सबसे ज्यादा नदियां हैं तो हम आपको जीके का धुरंधर मान जाएंगे। Of इकलौता जिला जहां 97 नदियां बहती हैं गंगा, सिंधु, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, कृष्णा, नर्मदा नदी और कावेरी, महानदी समेत देशभर में कई प्रमुख नदियां हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत का इकलौता जिला कौन सा है जहां 97 नदियां बहती हैं। अगर आप भी नहीं जानते हैं कि भारत के किस जिले में सबसे ज्यादा नदियां हैं तो यहां जान लीजिए। अपने आपको जीके का धुरंधर बताने वाले भी इस जिले का नाम नहीं बता पाए हैं। कौन सा जिला बता दें यहां हम गुजरात के कच्छ जिले की बात कर रहे हैं। कहा जाता है कि गुजरात में कुल 185 नदियां बहती हैं, जबकि यहां कच्छ जिले में अकेले 97 नदियां हैं। इस जिले की प्रमुख नदियां कच्छ ...
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राधा मनोहर दास स्वामी जी द्वारा शंकर जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया!

विशाखापट्टनम: नगर के गुरुद्वारा जंक्शन निकट स्मार्ट इन होटल सभागार तिरुपति से आए राधा मनोहर दास स्वामी जी शंकर जयंती के पावन अवसर पर जयंती कार्यक्रम को आयोजित किया! उन्होंने अपने प्रवचन के माध्यम से विशेष रूप से सनातन धर्म पर प्रकाश डाला! एवं उपस्थित लोगों मैं सनातन धर्म के प्रति जागृति! स्वामी जी विशेष रूप से रामायण भागवत गीता और अन्य सनातन धर्म के ग के प्रति पकड़ मजबूत है! स्वामी जी ने कहा आदि शंकराचार्य ने भारत में चार मठों की स्थापना की थी! जिनके माध्यम से आज सनातन धर्म का विशेष रूप से प्रसार प्रचार हो रहा है! राधा मनोहर दास स्वामी जी  सनातन धर्म के बारे में काफी अच्छे तरीके से प्रवचन किया करते हैं! स्वामी जी का कहना है कि भगवान राम कृष्ण शिव और अन्य देवी देवताओं की उपासना करनी चाहिए! स्वामी जी ने कहा किया सनातन धर्म का प्रचार बहुत जोरों से हो रहा है! स्वामी पूरे भारतवर्ष का भ्रमण करते हुए सनातन धर्म के बारे में लोगों को जागृत कर रहे हैं! कार्य करने करीबन 200 भक्तों ने भाग लिया अंत में सभी भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया!

"जिंदगी"

 यह जिंदगी कुछ समय के लिए, कहीं आत्मीयता को भावना को छोड़कर, टकराव की भावनाओं के साथ, सच्चे मन से प्यार करो तो, भगवान की दुआ मिलेगी, कहानी बनेगी परस्पर रिश्ते भी, कभी-कभी वह अपना बन जाता है, जब आपसी भावनाएं दुर्लभ होगी, रिश्ते भी खतरे में पड़ेंगे, जैसा तेरा स्वभाव है, उसे बदलने की कोशिश करो, स्वार्थ की जिंदगी छोड़कर, प्यार भरा जीवन को अपनाओ, यह मन कहता है कि, तुझे देवी बनाकर पूजा करें, लेकिन समय का साथ रहना ही, जीवन का आनंदमय में रहस्य है, 2 "जीवन" जीवन एक बहती धारा जैसी है, बहना है प्रकृति का नियम, इसे निरंतर बहने दो, जब बहना बंद होता तो,  मुश्किलें अपने आप आती है, पर कभी-कभी बहाव को, रोक पाना भी मुश्किल है, जीवन भी एक कविता के जैसा, जो निर्मित है पांच भूतों से, अनुभव ही भौतिक संसार का, सुबह तक ही रात है, शाम तक का दिन, कभी भरा हुआ हाथ था,  कभी हाथ भी खाली था,                                                             ...

HSL ने एम्बुलेंस डोनेशन से ESM के लिए इमरजेंसी केयर को बेहतर बनाया*

  हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड ने 20 अप्रैल 2026 को हुए एक सादे समारोह में ECHS पॉलीक्लिनिक नंबर 2 (PC 2) को एक एम्बुलेंस डोनेट करके ESM वेटरन की भलाई के लिए अपना कमिटमेंट और मज़बूत किया। कमोडिटी राकेश प्रसाद (IN रिटायर्ड), डायरेक्टर (कॉर्पोरेट प्लानिंग और पर्सनल), ने फॉर्मली एम्बुलेंस सौंपी और कैप्टन MVS कुमार OIC ECHS स्टेशन हेडक्वार्टर, कैप्टन CG राजू OiC PC2, स्टाफ और वेटरन्स की मौजूदगी में इसे बेनिफिशियरीज़ को डेडिकेट किया। एम्बुलेंस पॉलीक्लिनिक को एक्स-सर्विसमेन और उनके परिवारों को समय पर इमरजेंसी सपोर्ट और बेहतर मेडिकल एक्सेस देने में मदद करेगी। ऐसी पहलों के ज़रिए, HSL कम्युनिटी हेल्थकेयर सर्विसेज़ को मज़बूत करते हुए वेटरन्स की सेवा का सम्मान करना जारी रखता है।                    K.V.SHARMA  EDITOR 

कौन थे आदि गुरु शंकराचार्य? 5 रहस्य जो कर देंगे हैरान

आदि गुरु शंकराचार्य के बारे में हम सभी जानते हैं। इन्होंने न सिर्फ 4 मठों की स्थापना की बल्कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए अखाड़े बनाए। इन्होंने ही बद्रीनाथ और केदारनाथ की पुनर्स्थापना भी की। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर आदि गुरु शंकराचार्य की जयंती हर साल मनाई जाती है। इस बार पंचांग भेद के चलते ये पर्व 21 और 22 दो दिनों तक मनाया जाएगा। आदि गुरु शंकराचार्य को भगवान शिव का अवतार माना जाता है क्योंकि उन्होंने अपनी कम उम्र में ही अनेक ऐसे कार्य किए, जो किसी साधारण मनुष्य के बस की बात नहीं है। आदि गुरु शंकराचार्य कौन थे, उनका जन्म कहां हुआ, इसके बारे में कम ही लोगों को बता है। आगे जानिए आदि गुरु शंकराचार्य से जुड़ी खास बातें… कौन थे आदि गुरु शंकाराचार्य? धर्म ग्रंथों के अनुसार आदि गुरु शंकाराचार्य का जन्म 788 ईस्वी में केरल के कालड़ी गांव में नम्बूदरी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम शिव गुरु और माता का नाम आर्याम्बा था। इन्हें साक्षात भगवान शिव का अवतार ही माना जाता है क्योंकि इनके द्वारा किए गए कार्य कोई साधारण व्यक्ति नहीं कर सकता था। बचपन में ही पढ़ लिए सारे वेद जिस ...

सिविल सेवा उत्सव दिवस

21 अप्रैल - 2026) -- पैदा होते समय हर कोई बच्चा होता है...बिना दुनियावी जानकारी के....* *यह पता नहीं होता कि वे बड़े होकर क्या बनेंगे.. यह पता नहीं होता कि वे काम के बनेंगे या नहीं। कोई भी उनकी किस्मत का अंदाज़ा नहीं लगा सकता। भले ही वे अमीर परिवार में पैदा हुए हों, वे काम के नहीं हो सकते। भले ही वे गरीब परिवार में पैदा हुए हों, वे हिमालय जितने ऊँचे उठ सकते हैं। जो अच्छे लेवल पर हैं वे समय के साथ पाताल लोक में जा सकते हैं.. जो निचले लेवल पर हैं वे टॉप पोजीशन पर पहुँच सकते हैं.. लेवल फिर से उलट सकते हैं। शॉर्ट में, जहाज़ किले बन सकते हैं और किले जहाज़ बन सकते हैं। पॉलिटिक्स, बिज़नेस और फ़िल्म इंडस्ट्री में बदलाव का यह खेल आम है। हम जैसे आम लोग भी कभी-कभी मुश्किलों की गहराइयों में तैरते हैं.. और फिर हमें खुशियों के किनारे दिखते हैं। यह ज़िंदगी कैसे रंगों का बवंडर है.. भुजंगराय शर्मा ने इस सिचुएशन को एक फ़िल्मी गाने में बहुत मतलब से लिखा है। उन्होंने कहा कि दौलत को बनाए नहीं रखा जा सकता, और उसका कोई अंत नहीं है। यह गाना महान लोगों के इतिहास को दिखाता है। जब हम अच्छी पोजीशन पर हों, तो हमे...

विशाखापट्टनम के लड़कों ने ताइवान स्केटिंग ओपन में 3 गोल्ड मेडल जीते

विशाखापट्टनम, 20 अप्रैल विशाखापट्टनम के दो किशोरों ने ताइपेई आर्टिस्टिक रोलर स्केटिंग ओपन में शानदार प्रदर्शन किया। यह प्रतियोगिता रविवार को ताइवान के शिनचू में संपन्न हुई, जिसमें इन दोनों ने कुल तीन गोल्ड मेडल जीते। एस्पोइर (12 वर्ष) कैटेगरी में हिस्सा ले रहे नागिरेड्डी मोक्षज्ञ नारायण ने फ्रीस्टाइल और इनलाइन इवेंट्स में गोल्ड मेडल जीते। इसके अलावा उन्होंने शो ग्रुप में सिल्वर और सोलो डांस में ब्रॉन्ज़ मेडल भी हासिल किया। नागिरेड्डी एन. मोक्षज्ञ नारायण मोक्षज्ञ एक कॉर्पोरेट स्कूल में 8वीं कक्षा के छात्र हैं। सज्जा अनीश चंद्र ने क्वार्टेट कैडेट्स में गोल्ड मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने स्मॉल कैडेट शो सज्जा अनीश चंद्र ग्रुप में सिल्वर और सोलो डांस (कैडेट मेन) में ब्रॉन्ज़ मेडल भी अपने नाम किया। वह एक कॉर्पोरेट स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ते हैं। इन दोनों स्केटर्स को कोच सत्यम और चिट्टीबाबू ने ट्रेनिंग दी थी।         Dr Kamal baid ji Excutive Editor