शुक्रवार - 06-03-2026 को, गुजरात सरकार के KCG के तहत ‘कवच केंद्र’ के तहत श्री आर.पी. अंडा कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन, बोरसद में ‘साइबर क्राइम और सिक्योरिटी’ पर लेक्चर हुआ।‘कवच’ केंद्र के कोऑर्डिनेटर डॉ. एच.एस. राठौड़ ने आज के लेक्चर के महत्व के बारे में बताया।भद्रन आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज में फिजिक्स के प्रोफेसर डॉ. हरेंद्रसिंह सिसोदिया प्रोग्राम में स्पीकर के तौर पर मौजूद थे। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. जे.के. तलाटी ने गेस्ट का परिचय देकर उनका स्वागत किया और ट्रेनी को साइबर क्राइम से बचने के तरीके बताए।स्पीकर डॉ. सिसोदिया ने पूछा कि साइबर क्राइम क्या है? साइबर क्राइम का शिकार कौन हो सकता है? साइबर क्राइम कैसे होता है? WhatsApp हैकिंग के ज़रिए डिजिटल अरेस्ट करके पैसे कैसे ऐंठे जाते हैं? WhatsApp सिक्योरिटी कैसे की जा सकती है? डिजिटल गिरफ्तारी के मुख्य पहलुओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया किफर्जी पहचान देकर ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, नारकोटिक्स या कस्टम अधिकारी बताकर झूठे आरोप लगाते हैं तथा झूठा डर दिखाते हैं कि आधार कार्ड, बैंक खाता या पार्सल का इस्तेमाल ड्रग्स या अवैध गतिविधियों में किया गया है तथाठग धमकी देकर, फर्जी पुलिस स्टेशन बनाकर वीडियो कॉल करते हैं तथामानसिक दबाव बनाकर परिवार या दोस्तों से बात करने से मना करते हैं तथा फोन बंद न करने के लिए मजबूर करते हैं।पैसे ऐंठने के लिए केस बंद करने के बदले में तुरंत “जमानत” या “जांच” के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। इस तरह साइबर अपराध के बारे में अनेक घटनाएं व उदाहरण देकर वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा कैसे विकसित करें, इस पर विस्तृत जानकारी देते हुए सभी प्रशिक्षुओं को एलसीडी प्रोजेक्टर के माध्यम से साइबर अपराध के बारे में सवाल जवाब करने को कहा जाता है। जागरूकता की जांच की गई तथा उन्हें साइबर अपराध व सुरक्षा के बारे में जागरूक रहने को कहा गया। कार्यक्रम के अंत में कवच के सह समन्वयक डॉ. आर.एस. बापोदरा ने गेस्ट का शुक्रिया अदा किया और साल भर में अलग-अलग कॉम्पिटिशन जीतने वाले ट्रेनीज़ को गेस्ट, प्रिंसिपल, को-कोऑर्डिनेटर और टीचर्स ने प्राइज़ और सर्टिफिकेट दिए।
*रिपोर्ट डॉ. शैलेष वाणिया शैल खंभोलज साहित्य सेवा संस्था राष्ट्रीय अध्यक्ष आणन्द गुजरात*



Comments
Post a Comment