विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट Dt: 05-03-2026 शिपबिल्डिंग एंड हैवी इंडस्ट्रीज पार्क आंध्र प्रदेश लिमिटेड (NSIHP-AP Ltd.) की स्थापना
यह अहम फ़ैसला न सिर्फ़ आंध्र प्रदेश के समुद्री सेक्टर को बहुत बढ़ावा देगा, बल्कि राज्य को देश में एक लीडिंग शिपबिल्डिंग और हैवी इंडस्ट्रीज हब के तौर पर स्थापित करने की दिशा में भी एक अहम कदम होगा। इससे रोज़गार के बड़े मौके बनेंगे और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
इस प्रोजेक्ट को आंध्र प्रदेश मैरीटाइम बोर्ड और विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी मिलकर 50:50 के अनुपात में एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) के तौर पर लागू करेंगे। यह प्रोग्राम भारत सरकार की शिपबिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस पॉलिसी (SBFA) स्कीम के तहत लागू किया जाएगा, और संबंधित गाइडलाइंस के अनुसार एक स्ट्रेटेजिक शिपयार्ड पार्टनर चुना जाएगा।
दुगराजपटनम शिपबिल्डिंग क्लस्टर भारत के शिपबिल्डिंग और रिपेयर सेक्टर को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह न केवल संबद्ध इंडस्ट्रीज़ के विकास में मदद करेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोज़गार के मौके भी पैदा करेगा और दक्षिण भारतीय तटीय क्षेत्र के इंडस्ट्रियलाइज़ेशन में योगदान देगा।
यह प्रोजेक्ट, नेल्लोर ज़िले में 2,000 एकड़ एरिया में ₹29,662 करोड़ की अनुमानित लागत से डेवलप किया जाएगा, जो राज्य के ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GSDP) की ग्रोथ में अहम योगदान देगा। इस प्रोजेक्ट का मकसद 974 km के बड़े कोस्टलाइन का इस्तेमाल करके घरेलू और इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करना है, जिससे इम्पोर्ट पर निर्भरता कम होगी।
इस इंटीग्रेटेड मैरीटाइम हब में चार ड्राई डॉक, शिप लिफ्ट फैसिलिटी और स्टेट-ऑफ-द-आर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर होगा। इस प्रोजेक्ट को 1.2 मिलियन ग्रॉस टनेज प्रति वर्ष (GTPA) की शिपबिल्डिंग कैपेसिटी बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इससे भारत की मेक इन इंडिया पहल को और मज़बूती मिलेगी। इससे रीजनल इंडस्ट्रीज़ के लिए लॉजिस्टिक्स कॉस्ट भी कम होगी और मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड और एक्सपोर्ट में कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी।
इस प्रोजेक्ट से शिप कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स, मरीन इक्विपमेंट सप्लायर्स और लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर्स से ₹8,000 से ₹10,000 करोड़ के एडिशनल इन्वेस्टमेंट मिलने की उम्मीद है।
पोर्ट चेयरपर्सन डॉ. एम. अंगमुथु, IAS, ने आंध्र प्रदेश सरकार के साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में बहुत कीमती योगदान दिया है।

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