राज्य के हेल्थ सेक्टर में इतिहास -जीवन दान ने साल भर में 301 लोगों की ज़िंदगी में नई रोशनी डाली -जीवन दान के ज़रिए 93 ब्रेन डेड केस से 301 ऑर्गन इकट्ठा किए गए.. -1293 लोगों की ज़िंदगी में रोशनी -राज्य के हेल्थ मिनिस्टर की तरफ़ से बधाई
राज्य में जीवन दान प्रोग्राम शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में ब्रेन डेड लोगों से ऑर्गन मिले हैं पिछले साल 200 का आंकड़ा पार कर रिकॉर्ड बनाते हुए इस साल 93 ब्रेन डेड लोगों से 301 अंग मिले, जिससे राज्य के स्वास्थ्य इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बना।
राज्य में जीवन दान प्रोग्राम 2015 में शुरू किया गया था। तब से अब तक 1293 अंग इकट्ठा करके जरूरतमंद मरीजों को दान किए जा चुके हैं, जिससे उनके जीवन में खुशी आई है। 403 ब्रेन डेड लोगों से 703 किडनी, 316 लिवर, 91 दिल, 181 फेफड़े, 2 पैंक्रियास और एक छोटा कटोरा इकट्ठा किया गया है।
दो साल से बढ़ रहे हैं अंगदान के मामलेराज्य में जीवन दान प्रोग्राम को शुरू हुए भले ही दस साल हो गए हों, लेकिन पिछले दो सालों से अंगदान के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसकी वजह जीवन दान के राज्य कोऑर्डिनेटर डॉ. के. रामबाबू की पहल है। जब से उन्होंने स्टेट कोऑर्डिनेटर का पद संभाला है, वे लगातार पूरे राज्य में ऑर्गन डोनेशन को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करने और लोगों को जागरूक करने के लिए अवेयरनेस प्रोग्राम कर रहे हैं। इसके अलावा, पिछले साल राज्य सरकार ब्रेन-डेड लोगों को अंतिम संस्कार में सुधार और सरकारी रस्मों के लिए आर्थिक मदद के साथ विदाई देने के लिए एक नया JIO लाई। इससे हौसला मिला है... इससे लोग दूसरों की ज़िंदगी में रोशनी लाने के ख्याल से ऑर्गन डोनेट करने के लिए आगे आ रहे हैं, भले ही उन्होंने किसी एक्सीडेंट में अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया हो। इसका सबूत पिछले दो सालों में राज्य में ऑर्गन डोनेशन के मामलों में बढ़ोतरी है...
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री की बधाई.. ऐसे समय में जब राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने स्टेट जीवन दान प्रोग्राम के ज़रिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग के इतिहास में पहली बार 300 ऑर्गन इकट्ठा करके रिकॉर्ड बनाया, तो राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने अपने सोशल मीडिया के ज़रिए जीवन दान टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह इतिहास हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों, डॉक्टरों और स्टाफ के तालमेल से ही मुमकिन हो पाया है। उन्होंने इस बात की तारीफ़ की कि एक ही साल में 120 से ज़्यादा लोगों की ज़िंदगी में नई रोशनी आई है और 300 से ज़्यादा लोगों को आशीर्वाद मिला है।
के.वी.शर्मा, संपादक,



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