हे मां शारदे,
हे मां सरस्वती,
कलिया मुस्कुराती मां,
हंस हंस कर गाती ,
हंस वाहिनी मां,
वीणा वादिनी मां,
हे माता विद्याधारिणी,
जग में ज्योत जलाए,
हे हंस वाहिनी,
हे मां ज्ञान दायिनी,
जो माता को प्रसन्न करेगा,
उसका जीवन सौभाग्य है,
- के .वी. शर्मा,
संपादक,
विशाखा संदेशम तेलुगू पत्रिका,
विशाखापट्टनम दर्पण पत्रिका,
विशाखापत्तनम आंध्र प्रदेश,
दूरभाष 7075408286
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