- *तीन प्रमुख स्तंभों* पर केंद्रित है अभियान
अंतर्राष्ट्रीय निदेशक रवींद्र कुमार जैन ने बताया कि संस्था वर्तमान में तीन मुख्य विषयों पर कार्य कर रही है:
*नदी का पानी किसानों को मिले, समुद्र को नहीं*: संस्था ने सरकार और समाज से अपील की है कि नदियों के मीठे पानी को समुद्र में व्यर्थ बहने से रोककर, अंडरग्राउंड रिचार्ज शाफ्ट और नहरों के माध्यम से किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाए।
*कपड़े की थैली मेरी सहेली*: 'सिंगल यूज प्लास्टिक' के पूर्ण बहिष्कार के लिए संस्था महिलाओं और युवाओं को जागरूक कर रही है ताकि पर्यावरण को प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सके।
*मिशन ऑक्सीजन*: इस अभियान के तहत केवल पेड़ लगाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उन्हें वटवृक्ष बनने तक पालने की जिम्मेदारी ली जा रही है। संस्था *'एक केंद्र-एक सघन वन' और 'एक केंद्र-एक हरित विद्यालय*' की अवधारणा पर काम कर रही है।*तकनीक से जुड़ रहा है संरक्षण*
कार्यक्रम के दौरान रवींद्र कुमार जैन ने बताया कि संस्था ई-चौपाल और वर्चुअल केंद्रों के माध्यम से दूर-दराज के क्षेत्रों में भी पर्यावरण और सामाजिक सेवाओं का संदेश पहुंचा रही है। उन्होंने आगामी 2 फरवरी (विश्व आर्द्र भूमि दिवस) और 4 फरवरी (विश्व कैंसर दिवस) पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रेरणा दी।
भविष्य की सुरक्षा हमारा संकल्प
निदेशक जैन ने कहा, "हमारा प्रयास देश के अंतिम व्यक्ति तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाना है, ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य सौंप सकें।" विशाखापत्तनम के बाद यह यात्रा अब विजयवाड़ा और चेन्नई की ओर प्रस्थान करेगी। कार्यक्रम में विक्रम शाह अध्यक्ष ,
मनीष लोहिया सचिव,संपत माहेश्वरी,सुशील शेखानी ,अमर जैन ,किशन चांडक ,किशोर संघवी ,मोहनलाल जैन,दिनेश जैन,प्रीतेश जैन,राजेश भंसाली,अनिल दसानी,विनोद हिरावत ,राकेश नाहटा,ओम प्रकाश बेगवानी, नितेश नाहर ,नरेंद्र शर्मा ,हिम्मत पटेल, राजेंद्र कुमार गोलेछा, अंकेश कुमार,अजीत कुमार, कुशल भंसाली, अभिषेक जैन एवं आई. के. पाही सहित अन्य सदस्य गण उपस्थित रहे।
के.वी.शर्मा, संपादक,


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