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सुबह की एक सही शुरुआत बदल सकती है पूरा दिन, रोजमर्रा की इन आदतों से सेहत में लाए सुधार

दिल्ली / विशाखापत्तनम- विशाखापत्तनम दर्पण समाचा: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम अक्सर अपने शरीर पर ध्यान नहीं दे पाते। ऐसे में उम्र से पहले थकान और बीमारी जकड़ने लगती है। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही खानपान पर अधिक ध्यान देने पर जोर देताे हैं। आयुर्वेद का कहना है कि जिस तरह का भोजन हम करते हैं, हमारा शरीर वैसा ही बनता है।

आयुर्वेद के मुताबिक, दिन की शुरुआत गर्म पानी से करनी चाहिए। यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और पाचन तंत्र को सक्रिय करता है। इससे अग्नि, यानी पाचन शक्ति, मजबूत होती है। अगर इसमें थोड़ा नींबू निचोड़ लिया जाए, तो इसका असर और बढ़ जाता है। यह आदत धीरे-धीरे शरीर की सफाई में मदद करती है और वजन संतुलन में भी सहायक हो सकती है।

आजकल बाजार में मिलने वाला खाना देखने में भले ही स्वादिष्ट लगे, लेकिन सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। विज्ञान का कहना है कि पैक्ड फूड शरीर में सूजन बढ़ाता है और आयुर्वेद इसे भारी और दोष बढ़ाने वाला मानता है। अगर रोजाना ऐसा खाना खाया जाए, तो शरीर सुस्त होने लगता है। घर का ताजा, सादा और कम प्रोसेस्ड खाना अगर खाया जाए, तो सेहत दुरुस्त रहती है।

भोजन का समय भी मायने रखता है। तय समय पर खाने से शरीर एक लय में काम करता है। इससे ब्लड शुगर संतुलित रहता है और बार-बार भूख नहीं लगती। जब भोजन और अगले भोजन के बीच सही अंतर होता है, तो पाचन ठीक रहता है और ज्यादा खाने की आदत अपने आप कम हो जाती है।

इसके अलावा, ये ध्यान देने की भी जरूरत है कि आपकी थाली में हर जरूरी पोषक तत्व मौजूद रहे। अक्सर हमारी थाली में रोटी या चावल तो होते हैं, लेकिन प्रोटीन की कमी रह जाती है। शरीर को ताकत देने के लिए दाल, दूध, दही, पनीर, अंकुरित अनाज, फल और सब्जियां जरूरी हैं। ये सब्जियां शरीर को बीमारियों से लड़ने की शक्ति देती हैं और पर्याप्त पानी शरीर को तरोताजा रखता है।

                  के.वी.शर्मा, संपादक,

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