पूर्वी गोदावरी ज़िले के द्राक्षारामम में जन्मे आचार्य कामेश्वर राव ने अपना बाल्यकाल द्राक्षारामम–काकीनाडा में बिताया। इंजीनियरिंग में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होकर उन्होंने टाटा स्टील के जमशेदपुर, भिलाई, पारादीप, जामांदोड़ी, नागार्जुनसागर परियोजनाओं तथा विशाखा इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस रोलिंग मिल्स सहित कई केंद्रीय सरकारी परियोजनाओं और पोर्ट निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण सेवाएँ दीं। गायत्री प्रोजेक्ट्स में मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) के रूप में उन्होंने निर्माण क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की।
शिक्षा क्षेत्र में दूरदर्शी योगदान देते हुए, गायत्री विद्या परिषद की कार्यकारिणी में रहते हुए उन्होंने एम.एल.बी.टी. स्कूल सहित विभिन्न संस्थानों में आधुनिक प्रयोगशालाएँ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों जैसी सुविधाओं के विकास में अहम भूमिका निभाई। बा–बापू सेवा संघ के माध्यम से उन्होंने वंचित महिलाओं के उत्थान हेतु भी सेवाएँ प्रदान कीं।
उनका पार्थिव शरीर सोमवार सायं विशाखापट्टनम लाया गया। परिवारजनों के अनुसार अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह 9 बजे किया जाएगा।
गायत्री विद्या परिषद ईश्वर से प्रार्थना करती है कि दिवंगत
आत्मा को शाश्वत शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति और धैर्य दें।
के.वी.शर्मा, संपादक,

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