02.02.2026 की रात लगभग 20:10 बजे, निगरानी और गश्त के लिए तैनात रेल रोबोकॉप “ASC अर्जुन” ने एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की, जिसकी चेहरे की तस्वीर पहले से लोड किए गए जाने-माने अपराधियों के डेटाबेस से मेल खा रही थी। सिस्टम ने तुरंत RPF CCTV कंट्रोल रूम, विशाखापत्तनम को अलर्ट किया।
अलर्ट मिलते ही, ड्यूटी पर मौजूद CCTV स्टाफ हेड कांस्टेबल बी.एस. नारायण ने लाइव CCTV फ़ीड का विश्लेषण किया और तुरंत ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी सब इंस्पेक्टर वी. कीर्ति रेड्डी को वाल्टेयर डिवीजन की क्राइम प्रिवेंशन डिटेंशन स्क्वाड (CPDS) टीम के साथ सूचित किया, जो स्टेशन पर मौजूद थे। अलर्ट पर तेज़ी से कार्रवाई करते हुए, टीम ने एक समन्वित जांच की और सफलतापूर्वक एक आदतन अपराधी, हडपा शिवा (39 वर्ष) और उसके साथी जी. भंगारू को गिरफ्तार किया।
दोनों व्यक्ति कोई वैध यात्रा टिकट पेश नहीं कर पाए और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए RPF पोस्ट, विशाखापत्तनम लाया गया। उनके पिछले रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि दोनों व्यक्ति आदतन अपराधी हैं, जिनका रायगड़ा पुलिस स्टेशन में कई सालों से चोरी, डकैती, लूट, मारपीट और हथियारों से जुड़े मामलों सहित कई गंभीर अपराधों का लंबा आपराधिक इतिहास दर्ज है।
गिरफ्तारी की सूचना तुरंत GRP विशाखापत्तनम को दी गई, और RPF, GRP और उनकी टीमों द्वारा आगे संयुक्त पूछताछ की गई। विस्तृत जांच के बाद, यह निष्कर्ष निकाला गया कि संदिग्ध बिना किसी वैध अनुमति के स्टेशन क्षेत्र में घुसे थे और उन्हें रेल रोबोकॉप “ASC अर्जुन” के AI-सक्षम फेशियल रिकग्निशन सिस्टम द्वारा एंट्री स्टेज पर ही पकड़ लिया गया था।
चूंकि दोनों अपराधी बिना टिकट यात्रा करते पाए गए, इसलिए उनके खिलाफ भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 (संशोधित 2003) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए मामले की सूचना रायगड़ा पुलिस को भी दी गई। इस मौके पर डिविज़नल रेलवे मैनेजर श्री ललित बोहरा ने कहा कि यह घटना विशाखापत्तनम स्टेशन पर भीड़भाड़ वाले पब्लिक एरिया में रेल रोबोकॉप "ASC अर्जुन" द्वारा आदतन अपराधियों की सफल रियल-टाइम पहचान और गिरफ्तारी को दिखाती है। उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धि रेलवे सुरक्षा बढ़ाने और अपराधों को रोकने में AI-पावर्ड सर्विलांस और फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी की प्रभावशीलता को साफ तौर पर दिखाती है, जिससे यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होती है।
के.वी.शर्मा, संपादक,

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