विशाखापट्टनम में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों की पावन स्मृति में एक गरिमामय श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन और देशभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं कार्यक्रम के केंद्रीय व्यक्तित्व डॉ. उज्ज्वल कुमार घटक, वेटरन एवं डिफेंस प्रोग्राम्स के अकादमिक एडवाइजर, का विशेष स्वागत एवं सम्मान किया गया। उन्हें अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में डॉ. घटक ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सीमाओं पर तैनात सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है कि वह राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए सजग एवं समर्पित रहे। उन्होंने युवाओं को अनुशासन, सेवा और राष्ट्रप्रेम को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
समारोह में अनेक विशिष्ट सैन्य अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे —
कर्नल अमित कुमार तिवारी, आर्मी मुख्यालय;
कर्नल एल.सी.एस. नायडू, वेटरन अधिकारी;
विंग कमांडर पी.सी. सेखर, वेटरन अधिकारी, ज़ेडएसडब्ल्यूओ;
प्रोफेसर वाई. सत्यनारायण, वेटरन एवं पूर्व कुलपति;
कमांडर बिजॉय दास, आईएनएचएस कल्याणी अस्पताल;
बोधिरेड्डी चंद्र शेखर, वेटरन;
डॉ. जी.पी.आर. कृष्णा, वेटरन एवं जनरल मैनेजर;
मेजर जनरल संजय सोई, वेटरन अधिकारी एवं रक्षा विशेषज्ञ;
ब्रिगेडियर राज कुमार, वेटरन अधिकारी एवं प्रोफेसर, आईआईएएम;
तथा नेवल सर्विस जेसीओ दीपक लेगा, परमानंद और ज्वाला कुमार।
कार्यक्रम के सफल संचालन और समन्वय में भारतीय नौसेना सेवा के जेसीओ श्री दीपक लेगा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कुशल नेतृत्व में यह आयोजन सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली रूप से संपन्न हुआ। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान केवल स्मरण करने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करने की प्रेरणा है।
इस अवसर पर भारत विकास परिषद, जिला सैनिक कल्याण बोर्ड, रक्षा संगठनों, रक्षा समन्वयकों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। वक्ताओं ने सशस्त्र बलों के त्याग और बलिदान को रेखांकित करते हुए राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जिम्मेदारी पर बल दिया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह आयोजन मात्र एक औपचारिक सभा नहीं, बल्कि शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और राष्ट्रभक्ति की सशक्त अभिव्यक्ति था, जिसने सभी उपस्थित जनों के हृदय पर गहरी छाप छोड़ी।कैमरा पर्सन के साथ,
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