यह महंगा चावल जापान में टोयो राइस कॉर्पोरेशन बनाता है। इसे 2016 में ही दुनिया का सबसे महंगा चावल माना गया था। मार्केट के हिसाब से एक किलो चावल की कीमत करीब 12,500 से 15,000 रुपये तक होती है। सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि इसे उगाने और प्रोसेस करने का तरीका भी बहुत अनोखा है। किनमेमाई प्रीमियम चावल सिर्फ़ एक तरह का चावल नहीं है। इसे जापान के गुन्मा, नागानो और निगाता जैसे इलाकों में उगाए जाने वाले कोशीहिकारी और पिकामारू समेत पाँच तरह के चावलों को मिलाकर बनाया जाता है। यही कॉम्बिनेशन इसके खास होने की मुख्य वजह है।
इसके प्रोडक्शन में छह महीने का इंतज़ार अहम भूमिका निभाता है। चावल की कटाई के तुरंत बाद उसे मार्केट में नहीं बेचा जाता। इसे करीब छह महीने तक खास हालात में स्टोर किया जाता है। टोयो राइस कॉर्पोरेशन का कहना है कि इस प्रोसेस से चावल का स्वाद और टेक्सचर काफ़ी बेहतर हो जाता है। यही इसके खास स्वाद और क्वालिटी की नींव रखता है। किनमेमाई प्रीमियम चावल की एक और खासियत है इसका खास पॉलिशिंग प्रोसेस। इसके लिए एक खास बफ़िंग प्रोसेस का इस्तेमाल किया जाता है। हालाँकि इस तरीके से चावल की बाहरी परत हट जाती है, लेकिन इसकी कोई भी ज़रूरी न्यूट्रिशनल वैल्यू कम नहीं होती। इससे चावल अपनी कुदरती अच्छी क्वालिटी बनाए रखता है।
इस चावल के साथ पकाने पर यह क्रिस्टल की तरह चमकता है। जिन खाने के शौकीनों ने चावल चखा है, उनका कहना है कि इसका स्वाद थोड़ा मीठा और मक्खन जैसा होता है, और यह मुँह में घुल जाता है। यह अनोखा स्वाद इसे आम चावल से अलग बनाता है। किनमेमाई प्रीमियम चावल एक लग्ज़री गिफ़्ट के तौर पर पॉपुलर है। टोयो राइस कॉर्पोरेशन हर साल सिर्फ़ 1000 बॉक्स बनाती है। यह लिमिटेड प्रोडक्शन इसकी वैल्यू को और बढ़ाता है। जापान में, इसे न सिर्फ़ रोज़ाना खाने की चीज़ के तौर पर खाया जाता है, बल्कि दूसरों को बहुत महंगे और लग्ज़री गिफ़्ट के तौर पर भी दिया जाता है। किनमेमाई प्रीमियम इस बात का सबूत है कि अगर सही स्किल्स और खास टेक्नीक का इस्तेमाल किया जाए तो एक आम खाने की चीज़ भी गिनीज़ रिकॉर्ड बना सकती है।
के.वी.शर्मा, संपादक,

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