आचार्य महाश्रमण की सन्निधि में भगवान महावीर की जन्म जयंती का भव्य आयोजन* *-कृतार्थ व सुखी आत्मा हैं भगवान महावीर -आचार्य महाश्रमण* प्रभात फेरी में मंगल गान से कमल बैद ने जगाई अलख
लाडनूं। यहां जैन विश्व भारती की सुधर्मा सभा में महावीर जयंती पर प्रवचन करते हुए आचार्य महाश्रमण ने कहा कि भगवान महावीर का अहिंसा का संदेश युद्धरत राष्ट्र या राष्ट्राध्यक्षों के पास किसी रूप में पहुंचें तो अहिंसायुक्त चिंतन हो, जिससे हिंसा को विराम मिले। विकास के लिए अहिंसा व शांति की अपेक्षा होती है। दुनिया में हर जगह शांति की बारिश हो। उन्होंने कहा किराष्ट्रसंत आचार्य श्री तुलसी की इस जन्मभूमि में मुझे काफी वर्षों बाद भगवान महावीर की जन्म जयंती को मनाने का अवसर मिला है।
आज की यह शुक्ला त्रयोदशी किसी रूप में आचार्यश्री भिक्षु से भी जुड़ी हुई है। उनका जीवन तो मानों भगवान महावीर से बहुत समानता रखने वाला है। भगवान महावीर का जन्म शुक्ला त्रयोदशी को तो आचार्यश्री भिक्षु का जन्म भी शुक्ला त्रयोदशी को हुआ। भगवान महावीर जब गृहस्थावस्था में थे तो उनका पाणिग्रहण संस्कार भी हुआ था। भगवान महावीर को गृहस्थावस्था में पुत्री की प्राप्ति हुई तो आचार्यश्री भिक्षु को भी पुत्री की प्राप्ति हुई। भगवान महावीर तीर्थ की स्थापना करने वाले आदिकर थे तो आचार्यश्री भिक्षु को तेरापंथ धर्मसंघ के आदिकर के रूप में देखा जा सकता है। दोनों का महाप्रस्थान भी जीवन के आठवें दशक में हुआ। दोनों महापुरुषों की माताओं ने सिंह का स्वप्न देखा था। दोनों महापुरुषों का महाप्रयाण काल चतुर्मासकाल के दौरान ही हुआ है। इतनी समानता का होना भी अपने आप में महत्त्वपूर्ण हो सकता है। इस अवसर पर आचार्यश्री ने समणीवृंद को लाडनूं से बाहर न भेजने की घोषणा की। इससे पूर्व भगवान महावीर के जन्म जयंती महोत्सव का आगाज प्रभात फेरी व भव्य शोभा यात्रा के रूप में वृद्ध सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी कीर्ति लता के मंगल पाठ से प्रारंभ हुई। प्रभात फेरी मूल ठिकाने से शुरू होकर दुगङो का बास, सब्जी मंडी,मोदियों का बास, पांचवी पट्टी ,दूसरी पट्टी व पहली पट्टी से होते हुऎ जैन विश्व भारती प्रज्ञा निलयम में साध्वीप्रमुखा विश्रुत विभा के मंगल पाठ व बाद में महाश्रमण विहार मे आचार्य श्री महाश्रमण जी के मंगल पाठ से रैली का समापन हुआ । रैली में वरिष्ठ श्रावक डा कमल सिंह बैद का गायन लोगों में आकर्षण का केंद्र रहा । वहीं महिला मंडल की कार्य समिति सदस्य राज कोचर ने झांकीयों के बारे में बताया व उपमंत्री रेणु कोचर ने मंगल गीत गाया।शोभा यात्रा में जैन विश्व भारती मान्य विश्वाविद्यालय , विमल विद्या विहार के छात्र-छात्राएं व टीचर्स मौजूद रहे ।रैली में आचार्य श्री महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष प्रमोद बैद, महामंत्री निर्मल कोटेचा, तेरापंथी सभा के अध्यक्ष प्रकाश बैद ,मंत्री राकेश कोचर , अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रीति जैन घोसल,महिला मंडल मंत्री लीना दुगङ , परामर्शक पुष्पा बैद ,उपाध्यक्ष शोभा दुगङ ।अणुव्रत समिति अध्यक्ष तेजकरण बोथरा ,महेंद्र बाफना, राजेंद्र खटेड , मंजू बेद सुमन गोलछा, , भागचंद बरङिया ,सुरेंद्र घोसल,अजीत सिंह चोरङिया विभिन्न सभा संस्थाओं के पदाधिकारी सदस्य गण मौजूद रहे।
आज की यह शुक्ला त्रयोदशी किसी रूप में आचार्यश्री भिक्षु से भी जुड़ी हुई है। उनका जीवन तो मानों भगवान महावीर से बहुत समानता रखने वाला है। भगवान महावीर का जन्म शुक्ला त्रयोदशी को तो आचार्यश्री भिक्षु का जन्म भी शुक्ला त्रयोदशी को हुआ। भगवान महावीर जब गृहस्थावस्था में थे तो उनका पाणिग्रहण संस्कार भी हुआ था। भगवान महावीर को गृहस्थावस्था में पुत्री की प्राप्ति हुई तो आचार्यश्री भिक्षु को भी पुत्री की प्राप्ति हुई। भगवान महावीर तीर्थ की स्थापना करने वाले आदिकर थे तो आचार्यश्री भिक्षु को तेरापंथ धर्मसंघ के आदिकर के रूप में देखा जा सकता है। दोनों का महाप्रस्थान भी जीवन के आठवें दशक में हुआ। दोनों महापुरुषों की माताओं ने सिंह का स्वप्न देखा था। दोनों महापुरुषों का महाप्रयाण काल चतुर्मासकाल के दौरान ही हुआ है। इतनी समानता का होना भी अपने आप में महत्त्वपूर्ण हो सकता है। इस अवसर पर आचार्यश्री ने समणीवृंद को लाडनूं से बाहर न भेजने की घोषणा की। इससे पूर्व भगवान महावीर के जन्म जयंती महोत्सव का आगाज प्रभात फेरी व भव्य शोभा यात्रा के रूप में वृद्ध सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी कीर्ति लता के मंगल पाठ से प्रारंभ हुई। प्रभात फेरी मूल ठिकाने से शुरू होकर दुगङो का बास, सब्जी मंडी,मोदियों का बास, पांचवी पट्टी ,दूसरी पट्टी व पहली पट्टी से होते हुऎ जैन विश्व भारती प्रज्ञा निलयम में साध्वीप्रमुखा विश्रुत विभा के मंगल पाठ व बाद में महाश्रमण विहार मे आचार्य श्री महाश्रमण जी के मंगल पाठ से रैली का समापन हुआ । रैली में वरिष्ठ श्रावक डा कमल सिंह बैद का गायन लोगों में आकर्षण का केंद्र रहा । वहीं महिला मंडल की कार्य समिति सदस्य राज कोचर ने झांकीयों के बारे में बताया व उपमंत्री रेणु कोचर ने मंगल गीत गाया।शोभा यात्रा में जैन विश्व भारती मान्य विश्वाविद्यालय , विमल विद्या विहार के छात्र-छात्राएं व टीचर्स मौजूद रहे ।रैली में आचार्य श्री महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष प्रमोद बैद, महामंत्री निर्मल कोटेचा, तेरापंथी सभा के अध्यक्ष प्रकाश बैद ,मंत्री राकेश कोचर , अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रीति जैन घोसल,महिला मंडल मंत्री लीना दुगङ , परामर्शक पुष्पा बैद ,उपाध्यक्ष शोभा दुगङ ।अणुव्रत समिति अध्यक्ष तेजकरण बोथरा ,महेंद्र बाफना, राजेंद्र खटेड , मंजू बेद सुमन गोलछा, , भागचंद बरङिया ,सुरेंद्र घोसल,अजीत सिंह चोरङिया विभिन्न सभा संस्थाओं के पदाधिकारी सदस्य गण मौजूद रहे।Dr Kamal Singh Baid Managing EDITOR

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