यार्ड 1280, शची) - M/s GSL, गोवा मेंयार्ड 1280 (शची), जो ग्यारह 'नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल' (NGOPVs) की श्रृंखला में पहला पोत है, का जलावतरण 31 मार्च 2026 को M/s GSL, गोवा में श्रीमती शगुन सोबती द्वारा किया गया। इस अवसर पर नौसेना स्टाफ के उप प्रमुख, वाइस एडमिरल तरुण सोबती भी उपस्थित थे।
यह कार्यक्रम पूर्ण नौसैनिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय और GSL के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
NGOPVs का निर्माण कार्य एक साथ दो शिपयार्ड (GSL, गोवा और GRSE, कोलकाता) में चल रहा है। स्वदेशी रूप से निर्मित ये पोत, रक्षा और निगरानी, खोज और बचाव (Search and Rescue), अपतटीय संपत्तियों की सुरक्षा, HADR (मानवीय सहायता और आपदा राहत) तथा समुद्री डकैती-रोधी अभियानों जैसे बहु-क्षेत्रीय कार्यों के लिए मौजूदा दस OPVs/NOPVs की क्षमता में वृद्धि करेंगे। इन पोतों के नाम भारतीय पौराणिक कथाओं से लिए गए हैं; श्रृंखला के पहले पोत (GSL द्वारा निर्मित) का नाम 'शची' रखा गया है, जिसका अर्थ है 'वह जो सहायता प्रदान करे'। NGOPVs के 'क्रेस्ट' (प्रतीक चिह्न) के डिज़ाइन में 'उर्सा मेजर' तारामंडल और एक लाल व सफेद रंग का लाइटहाउस दर्शाया गया है।
यह कार्यक्रम पूर्ण नौसैनिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय और GSL के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
NGOPVs का निर्माण कार्य एक साथ दो शिपयार्ड (GSL, गोवा और GRSE, कोलकाता) में चल रहा है। स्वदेशी रूप से निर्मित ये पोत, रक्षा और निगरानी, खोज और बचाव (Search and Rescue), अपतटीय संपत्तियों की सुरक्षा, HADR (मानवीय सहायता और आपदा राहत) तथा समुद्री डकैती-रोधी अभियानों जैसे बहु-क्षेत्रीय कार्यों के लिए मौजूदा दस OPVs/NOPVs की क्षमता में वृद्धि करेंगे। इन पोतों के नाम भारतीय पौराणिक कथाओं से लिए गए हैं; श्रृंखला के पहले पोत (GSL द्वारा निर्मित) का नाम 'शची' रखा गया है, जिसका अर्थ है 'वह जो सहायता प्रदान करे'। NGOPVs के 'क्रेस्ट' (प्रतीक चिह्न) के डिज़ाइन में 'उर्सा मेजर' तारामंडल और एक लाल व सफेद रंग का लाइटहाउस दर्शाया गया है।
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