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माननीय रक्षा मंत्री ने आंध्र प्रदेश के टी. सिरासपल्ली में BDL की नई नौसेना प्रणाली निर्माण सुविधा की आधारशिला रखी।


माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली जिले के टी. सिरासपल्ली गांव में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) की नई अत्याधुनिक नौसेना प्रणाली निर्माण सुविधा की आधारशिला रखी।

यह आगामी सुविधा भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमताओं को मजबूत करने और रणनीतिक रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
रक्षा मंत्रालय के तहत 1970 में स्थापित, BDL भारत के प्रमुख रक्षा निर्माण उद्यमों में से एक और रणनीतिक तथा सामरिक हथियार प्रणालियों के लिए DRDO का एक प्रमुख उत्पादन भागीदार बन गया है। कंपनी आकाश, अस्त्र और मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल जैसी उन्नत मिसाइल प्रणालियों, टैंक-रोधी निर्देशित मिसाइलों के साथ-साथ पानी के नीचे काम करने वाली हथियार प्रणालियों का निर्माण करती है; जिनमें भारी वजन वाला टॉरपीडो 'वरुणास्त्र', हल्का टॉरपीडो 'TAL', C-303 डिकॉय, लॉन्चर आदि शामिल हैं।
यह नया निर्माण परिसर भारतीय नौसेना की उन्नत पानी के नीचे काम करने वाली हथियार प्रणालियों और नौसेना युद्ध प्रणालियों की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्थापित किया जा रहा है। लगभग 160 एकड़ में फैली इस सुविधा में उन्नत निर्माण और असेंबली बुनियादी ढांचा, एकीकरण भवन, विस्फोटक संभालने और भंडारण की सुविधाएं, ध्वनिक टैंक सुविधाओं सहित परीक्षण बुनियादी ढांचा, प्रशासनिक भवन और एक समर्पित हरित पट्टी शामिल होगी।
इस परियोजना से BDL की उत्पादन क्षमता में काफी वृद्धि होने, एक साथ कई परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलने और विशाखापत्तनम क्षेत्र में स्थित DRDO प्रयोगशालाओं तथा भारतीय नौसेना प्रतिष्ठानों के साथ सहयोग मजबूत होने की उम्मीद है। यह सुविधा मुख्य रूप से पानी के नीचे काम करने वाली हथियार प्रणालियों, टॉरपीडो, माइंस और संबंधित नौसेना प्रणालियों पर केंद्रित होगी।
इस सुविधा को लगभग 500 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ विकसित किया जा रहा है और इसके लगभग चार वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।  राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने के अलावा, इस प्रोजेक्ट से लगभग 3000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा करके, और स्थानीय MSME तथा सहायक उद्योगों को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बड़ी गति मिलने की उम्मीद है।

                     K.V.SHARMA EDITOR 

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