डोनेशन का मतलब है मुफ़्त में देना।
डोनेशन का मतलब है बड़ी मात्रा में बड़ी मात्रा में देना,
चढ़ावा का मतलब है खाने वाले को बहुत अच्छे से खाना देना — आजकल इन शब्दों के यही आम मतलब हैं।
ये तीनों संस्कृत के शब्द हैं।
भगवद गीता कहती है कि दान तीन तरह के होते हैं। (श्रद्धात्रय विभाग योग)
सात्विक दान — बिना किसी बदले की उम्मीद के देना, यह समझकर कि यह मेरा फ़र्ज़ है। बिना नाम या इज़्ज़त चाहे देना।
राजस दान — इस अहंकार के साथ देना कि सब मेरी तारीफ़ करें। मेरा नाम लिया जाए। बोर्ड पर लिखना और ऐसे ऐड देना जैसे मैंने दिया हो, इस तरह का दान है। राजसदानम का मतलब है इनाम की उम्मीद में देना।
पापों के प्रायश्चित के तौर पर देना इसी कैटेगरी में आता है।
तामसन दानम:— चोर अपना चुराया हुआ पैसा दूसरों को देता है। वह किसी को बर्बाद करने के इरादे से देता है। वह इसे इसलिए देता है ताकि यह उस तक पहुंचे और उसे खत्म कर दे। जो चीज़ उसके लिए बेकार है, उसे किसी और को देना इसी कैटेगरी का दान है।
दान— मतलब दान..
किसी/किसी ऑर्गनाइज़ेशन के फ़ायदे के लिए दिया गया.. यह सात्विक दान में शामिल है।
सत्तार्पण का मतलब है अच्छी तरह से संतुष्ट करना।
जितना हो सके उतना पैसा देना और *बहुत हो गया* कहना सत्तार्पण है। (आइटम के वी शर्मा एडिटर विशाखा संदेशम और विशाखापत्तनम दर्पण हिंदी न्यूज़ पेपर्स, विशाखापत्तनम ए पी द्वारा इकट्ठा किया गया।)

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