पत्नी वो है जो जन्म देती है,
पत्नी वो है जो जीवन देती है,
* पत्नी वो है जो खाना देती है
* पत्नी वो है जो खाना लाती है
* भले ही आसमान में सूरज न हो...
भले ही घर में पत्नी न हो...
दुनिया के लिए रोशनी नहीं है,
यहाँ घर के लिए रोशनी नहीं है।
* पति के वंश का रचयिता
* मूल कारण का जनक,
* भले ही वो अपनी टोपी उतार कर आगे बढ़े...
* भले ही वो अपनी टोपी उतार कर अपना मुंह पोंछे... भले ही वो पोंछे...
उसके जैसा कोई नहीं
* इस घर में एक घर जहां वो नहीं है... एक सपने में....
अकल्पनीय एहसास...
* बच्चों की देखभाल...
* उसे बड़ों की सेवा में धकेलना
* पति को दीवाना बनाना..
उसे दीवाना बनाना...
* ज़िंदगी के लिए उम्मीदें जगाना...
* बुरे ख्यालों को तोड़ना...
* वहम बनकर उड़ना...
* पति को वहम से नीचे लाना...
* उसकी आंखों में उबाल लाना...
* पति की ज़िंदगी में फूल खिलाना
बिना पैसे वाला काम करने वाला.
हमारा मर्द जो ज़िंदगी देता है....
एक पत्नी का कर्ज चुकाने के लिए हम क्या दे सकते हैं
सिवाय इसके कि उस पर बोझ न बनें..
साथी हमेशा साया होता है.
बच्चों की ज़िम्मेदारियां पूरी होने के बाद, एक नई बहार बुढ़ापे का साथी होता है.
यह वह कीमती गहना है जो हम अपनी पत्नी को देते हैं।
(.आइटम के वी शर्मा एडिटर द्वारा इकट्ठा किया गया। विशाख संदेशम तेलुगु न्यूज़ पेपर्स और विशाखापत्तनम दर्पण हिंदी न्यूज़ पेपर्स विशाखापत्तनम आंध्र प्रदेश)

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