विशाखापत्तनम, 27 अप्रैल: महान क्रिकेटर, पूर्व राज्यसभा मेंबर और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने आंध्र यूनिवर्सिटी के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया और स्टूडेंट्स को मोटिवेशनल मैसेज दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उनके पिता एक आम परिवार से थे और उन्होंने प्रोफेसर और कवि बनने के लिए कड़ी मेहनत की। उन्होंने कहा कि कम सुविधाओं के बावजूद हायर एजुकेशन लेना और गोल्ड मेडल हासिल करना उनके लिए एक आइडियल बन गया है। यह कहते हुए कि उन्होंने अपने पिता से सब्र, डिसिप्लिन और वैल्यू सीखी, उन्होंने कहा कि बचपन से ही प्यार से गाइड करने से उनकी पर्सनैलिटी डेवलपमेंट में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि हर किसी में मौजूद बाहरी और अंदरूनी प्रेशर को पहचानना और उन्हें कंट्रोल करना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई कॉन्संट्रेशन के साथ गोल पर फोकस करे तो कामयाबी मिल सकती है। उन्होंने सलाह दी कि कामयाबी एक दिन में नहीं मिलती और इसे कड़ी मेहनत से हासिल करना होता है। उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि वे अपने सपनों को पूरा करने में कभी किसी रुकावट का सामना न करें और वैल्यू के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि देश के विकास और आने वाली पीढ़ियों की तरक्की के लिए युवाओं के मूल्यों को बनाए रखना ज़रूरी है।
K.V.SHARMA EDITOR

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