मधुर का मतलब है अमृत। स्थलपुराणम कहता है कि यह 'मदुरई' इसलिए बना क्योंकि यह वह जगह थी जहाँ तीन आँखों वाले शिव ने शहद बरसाया था। देवी मीनाक्षी का जन्म यहीं पांड्या वंश में हुआ था। मधुरई मीनाक्षी मंदिर अपने ऊँचे राजगोपुरम के लिए दुनिया भर में मशहूर है।
पुराणों में वैगई नदी के किनारे बसे मदुरई इलाके को नटराज शिव का चाँदी का डांस फ्लोर बताया गया है। तमिल कैलेंडर के हिसाब से चित्तिरई महीने में मधुरई मीनाक्षी ब्रह्मोत्सव होता है।
मीनाक्षी दिग्विजयम और मीनाक्षी सुंदरेश्वरुला तिरुकल्याण महोत्सव होता है। रथ उत्सव और एक तीर्थ होता है। बड़ी संख्या में भक्त पेरुमल के जुलूस में शामिल होते हैं, जिन्होंने घोड़े पर सवार मीनाक्षी सुंदरेश्वर की शादी की अगुवाई की थी।
(के.वी. शर्मा एडिटर विशाखा संदेशम तेलुगु न्यूज़ पेपर्स और विशाखापत्तनम दर्पण हिंदी न्यूज़ पेपर्स विशाखापत्तनम आंध्र प्रदेश)

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