विशाखापट्टनम: विशाखापट्टनम दर्पण: जल थल वायु ध्वनि और कांति में अवांछित एवं हानिकारक पदार्थों की अधिकता को पर्यावरण प्रदूषण कहते हैं! नई दिल्ली में यमुना नदी का पानी गंदा हो रहा है! ताजमहल का सौंदर्य घट रहा है! यह प्रदूषण का परिणाम है! इसके कई कुप्रभाव है!
1. प्रदूषण से मानव के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है! वह अनेक रोगों का शिकार बनता है!
2. पेड़ पौधे और जंतुओं पर घातक प्रभाव पड़ते हैं!
3. सुंदर भवनो की भव्यता समाप्त होने लगती है!
4. प्रकृति की खाद्य श्रृंखला नाइट्रोजन चक्र तथा कार्बन डाइऑक्साइड चक्र ऑक्सीजन चक्र आदि पर बुरा प्रभाव पड़ता है! इससे खाद्य उत्पादन कम होता है!
प्रदूषण के पांच प्रकार हैं!
1. वायु प्रदूषण2. जल प्रदूषण3. भूमि प्रदूषण4. ध्वनि प्रदूषण और कांति प्रदूषण! प्रदूषण के दो कारण है!2. विश्व की बढ़ती हुई जनसंख्या और औद्योगिक विकास! प्रदूषण को रोकने के उपाय यह है!
1. बढ़ती हुई जनसंख्या को नियंत्रित करना है!
2. जंगलों को काटना यथा संभव रोकना है!
3. रासायनिक पदार्थों के जल को गंदा नहीं करना चाहिए!
4. नदियों तालाबों आदि में कपड़े धोना बर्तन साफ करना आदि नहीं करना चाहिए!
5. सड़कों पर इस्तेमाल किए जाने वाले लाउडस्पीकरों पर भी नियंत्रण करना चाहिए!
6. कारखाने में ऐसे यांत्रिक विधान हो जिससे वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण रोका जा सके!
के .वी. शर्मा संपादक


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