अमेरिका के आर्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में तेलुगु साहित्य जगत के प्रतिष्ठित अनुवादक, लेखक एवं पद्मभूषण सम्मान से अलंकृत डॉ. यारलगड्डा लक्ष्मीप्रसाद जी के सुपुत्र श्री यारलगड्डा शिवप्रसाद जी ने तेलुगु विषय में एम.ए. की उपाधि प्राप्त की।
विशाखापत्तनम: विशाखापत्तनम दर्पण : तेलुगु भाषा और साहित्य की उत्कृष्ट सेवा करने वाले अपने महान पिता की उपस्थिति में मंच पर एम.ए. की उपाधि ग्रहण करना एक अत्यंत गौरवपूर्ण, प्रेरणादायक और अविस्मरणीय क्षण है। विदेश में निवास करते हुए भी अपनी मातृभाषा तेलुगु के प्रति विरासत में प्राप्त विशेष अनुराग को बनाए रखना वास्तव में हर्ष का विषय है।
“निज भाषा की उन्नति ही समस्त उन्नतियों का मूल है” — इस महान वाक्य को श्री शिवप्रसाद जी ने अपने आचरण और उपलब्धि के माध्यम से सार्थक सिद्ध किया है। मातृभाषा के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण व्यक्ति की सांस्कृतिक जड़ों को सुदृढ़ बनाता है, यह प्रेरक घटना इसी सत्य को प्रतिपादित करती है।
अतः डॉ. यारलगड्डा लक्ष्मीप्रसाद जी तथा उनके सुपुत्र श्री यारलगड्डा शिवप्रसाद जी दोनों ही हार्दिक बधाई और अभिनंदन के पात्र हैं। दोनों को मेरी ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ
के.वी.शर्मा,
संपादक,

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