पिताविश्वास है
, पिता हिम्मत है
, पिता कल्पना वह पेड़ है,
जो मुश्किलों को पिघल देता है,
उनका मन मक्खन जैसा है,
उनका स्पर्श सर्दियों की बर्फ जैसा है
पिता हमारे लिए आईना है,
पिता वह भगवान के रूप है,
जो बिना पंखों के आसमान दिखाई है
, पिता मेरे साथी है,
जो हमारे कदमों में चलता है,
पिता हमारे अध्यापक हैं,
जो हमें जीना सिखाया है,
अगर मां मुझे सुलाती है,
तो पिता मुझे जागते हैं,
मेरे पिता मेरे लिए सपने देखते हैं,
मेरे पिता मेरे लिए भविष्य की चिंता करते हैं,
भले ही वह कर्ज ले ले,
मेरे पिता मेरे लिए जीवन का गाइड है,
जो नैतिकता का एक सबूत है,
के ·वी· शर्मा,
लेखक एवं संपादक

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