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बेहतर स्वास्थ्य के लिए सिर्फ पौष्टिक भोजन नहीं, उसे सही तरीके से पकाना भी है जरूरी

                        के.वी.शर्मा सम्पदक

 विशाखापत्तनमन / नई दिल्ली (विशाखापत्तनम दर्पण न्यूज़ ): आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना हर किसी के लिए बहुत जरूरी है। लेकिन इसके साथ ही यह समझना भी जरूरी है कि अच्छा स्वास्थ्य केवल पौष्टिक भोजन खाने से ही नहीं, बल्कि उसे सही तरीके से पकाने पर भी निर्भर करता है। स्मार्ट कुकिंग की आदतें अपनाकर हम भोजन को अधिक पौष्टिक, स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक बना सकते हैं। खाना पकाते समय छोटी-छोटी सावधानियां लंबे समय तक हमें कई बीमारियों से बचाने में मदद करती हैं।

भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि खाना बनाते समय तेल की मात्रा को नियंत्रित करना बहुत आवश्यक है। अक्सर लोग बिना माप के तेल डाल देते हैं, जिससे भोजन में आवश्यकता से अधिक वसा शामिल हो जाती है। इसलिए, तेल डालने के लिए हमेशा चम्मच का उपयोग करना चाहिए। इससे तेल की सही मात्रा का उपयोग होता है और अतिरिक्त कैलोरी से बचाव होता है। कम तेल में बना भोजन हृदय के लिए बेहतर होता है तथा मोटापा, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं के खतरे को भी कम करता है।


दूसरी महत्वपूर्ण आदत है बार-बार तला हुआ भोजन खाने से बचना। तले हुए खाद्य पदार्थ स्वादिष्ट तो लगते हैं, लेकिन इनमें अधिक मात्रा में वसा और कैलोरी होती है। नियमित रूप से समोसा, पकौड़े, चिप्स, पूड़ी या अन्य तले हुए खाद्य पदार्थ खाने से मोटापा, मधुमेह और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ सकता है। यदि कभी तला हुआ भोजन खाना भी हो, तो उसे सीमित मात्रा में और कभी-कभार ही खाना चाहिए। दैनिक भोजन में ताजे फल, हरी सब्जियां, दालें और साबुत अनाज को अधिक स्थान देना चाहिए।


स्वस्थ जीवन के लिए खाना पकाने के तरीकों का चुनाव भी बहुत महत्वपूर्ण है। चीजों को तेल में तलने के बजाय भाप में पकाना, भूनना, उबालना या ग्रिल करना अधिक लाभदायक होता है। भाप में पकी सब्जियों में विटामिन और खनिज अधिक मात्रा में सुरक्षित रहते हैं। ग्रिल या रोस्ट किए गए खाद्य पदार्थ कम तेल में तैयार हो जाते हैं और उनका स्वाद भी अच्छा रहता है। इसी प्रकार हल्का भूनकर या उबालकर बनाया गया भोजन पाचन के लिए भी बेहतर माना जाता है।


इसके अलावा, ताजी सामग्री का उपयोग करना, भोजन को अधिक देर तक न पकाना और आवश्यकता से अधिक नमक तथा चीनी का प्रयोग न करना भी स्मार्ट कुकिंग का हिस्सा है। घर का ताजा बना भोजन हमेशा बाहर के जंक फूड की तुलना में अधिक सुरक्षित और पौष्टिक होता 


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