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मेरी बचपन की यादें मेरा आशीर्वाद

 बचपन हमारे लिए एक आशीर्वाद है

जब हम बड़े हुए, तो हमें पैसे की कीमत पता चली

हमें लोगों की कीमत और भी ज़्यादा पता चली

वो दिन जब हम 10 पैसे में सौदा करते थे
5 पैसे की आइसक्रीम खाकर स्वर्ग देखने की खुशी
वो रातें जब हम पुरानी किताबें खरीदते और पढ़ते थे
वो शामें जब हम रेडियो पर गाने सुनते-सुनते सो जाते थे

ये सब सिर्फ़ यादें नहीं हैं
एक खूबसूरत दौर

उस समय, हर घर में चूल्हा होता था
लोग उस चूल्हे पर रहते थे

अब बड़े-बड़े घर हैं
लेकिन उस चूल्हे जैसा कनेक्शन नहीं दिखता

पड़ोसी रिश्तेदार जैसे थे
उनके घर में जो भी बनता था, हमारे घर आता था
हमारे घर में जो भी बनता था, उनके घर जाता था

भले ही दीवारें अलग थीं
हमारे मन एक थे

हम राशन की लाइन में खड़े होते थे
लेकिन हमने सब्र करना सीखा

हम बिना जूतों के स्कूल जाते थे
लेकिन हम ज़िंदगी में ऊँचे उठे

भले ही लग्ज़री नहीं थीं, वैल्यूज़ थीं
भले ही सुविधाएँ नहीं थीं, खुशी थी गोले
टोक्कुडू बिल्ला

उन खेलों में सिर्फ़ जीत और हार नहीं होती थी

दोस्ती थी

सहयोग था

ज़िंदगी थी

हम वो थे जो गंगिरेद्दू का इंतज़ार करते थे

वो जो तोते की भविष्यवाणी के लिए बेसब्री से खड़े रहते थे

वो जो बंदरों को देखकर तालियाँ बजाते थे

हमें मनोरंजन के लिए स्क्रीन की ज़रूरत नहीं है

लोग ही मनोरंजन हैं

एक चिट्ठी एक त्योहार है

एक फ़ोटो एक याद है

एक फ़िल्म एक महीने तक चलने वाली चर्चा है

✨ लेकिन अब

हज़ारों फ़ोटो हैं
लेकिन यादें कम हैं

हज़ारों कॉन्टैक्ट हैं
लेकिन नमस्ते करने वाले लोग कम हैं

हज़ारों चैनल हैं
लेकिन ऐसा कोई प्रोग्राम नहीं है जिसे पूरा परिवार एक साथ देख सके

दुनिया आगे बढ़ गई है
लेकिन बचपन पीछे चला गया है

आज के बच्चों के पास सब कुछ है
लेकिन उन्हें मिट्टी में खेलने का मज़ा नहीं है

वे सब कुछ जानते हैं
लेकिन उनमें इंतज़ार करने का सब्र नहीं है

सब कुछ ढूँढ रहे हैं
लेकिन किसी चीज़ से प्यार नहीं करते

ऐसा नहीं है कि हमारी पीढ़ी बहुत बढ़िया

लेकिन

हमने कमी में खुशी ढूंढना सीखा

हमने मुश्किल में हंसना सीखा

हमने कम में खुश रहना सीखा

हमने लोगों से प्यार करना सीखा

❤️ इसीलिए

हमारा बचपन कोई याद नहीं है

एक तोहफ़ा

हमारी पीढ़ी कोई उम्र नहीं है

एक अनुभव

हमारी ज़िंदगी कोई कहानी नहीं है

एक खूबसूरत चैप्टर जिसे यह पीढ़ी फिर कभी नहीं देख पाएगी

वो दिन वापस नहीं आएंगे

लेकिन वो यादें हमारे साथ तब तक रहेंगी जब तक हमारा दिल नहीं रुक जाता


                       के· वी· शर्मा 

                    लेखक एवं संपादन

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