जब परछाईं पड़ती है, तो एक स्थिर आवाज़,
हम सबके लिए एक सेवक लीडर।
वे पुल बनाते हैं, फूट को कम करते हैं,
और गर्व के साथ जनता के रास्ते पर चलते हैं।
शान के लिए नहीं, सोने के लिए नहीं,
बल्कि उन कहानियों के लिए जो सुनाई जानी बाकी हैं।
वे फुसफुसाहटें, अनकही ज़रूरतें सुनते हैं,
और अपने कामों से भविष्य बनाते हैं।
हमदर्दी और शांत कृपा के साथ,
वे हर जगह को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं।
मुश्किल समय में, वे परीक्षा में खड़े होते हैं,
और लोगों में से सबसे अच्छा निकालते हैं।
के.वी. शर्मा, लेखक और संपादक,
विशाखा संदेशम,
विशाखापत्तनम

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