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कुछ यादें

 


कुछ यादें किनारे से टकराती लहरों जैसी होती हैं! 

भले ही उनका असर थोड़े समय के लिए हो, 

मेरी ज़िंदगी भी उनकी उथल-पुथल को कम करने के लिए काफ़ी नहीं है।

चाहे मैं आँसुओं का समंदर बहा दूँ,

 वे पिघलेंगे या फीके नहीं पड़ेंगे.. 

कुछ यादें बस इतनी ही होती हैं!

कुछ यादें होठों पर बिखरी मुस्कानों के ढेर होती हैं

, कुछ यादें पीढ़ियों के कच्चे दूध के मीठे निशान होती हैं।

उम्र के साथ पीछे मुड़कर देखने पर,

 ज़िंदगी एक नई रंगीन तस्वीर बन जाती है। 

हर साँस में तुम्हारी खुशबू, तुम्हारे साथ बिताए 

पल मेरी ज़िंदगी की जान हैं।

प्यार के समंदर में एक लहर की तरह, 

मैं हमेशा तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ। 

के· वी· शर्मा

  संपादक 

विशाखापट्टनम दर्पण पत्रिका 

विशाखापत्तनम 

आंध्र प्रदेश

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