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पिंगली वेंकैयाका 150 व जयंती

तेलुगु मिट्टी में मिला एक नायाब रत्न,

एक सबसे बड़ा सच जिसने देश की इज्ज़त बनाए रखी!

अंग्रेज़ों की मिट्टी से प्रेरणा लेकर,
अपने झंडे के लिए कोशिश करते हुए... 

तीन चांद के रंगों को एक साथ लाते हुए,
भारत की शान को आसमान तक पहुंचाते हुए!
बलिदान, शांति और खुशहाली की निशानी बनकर,
उनका बना हुआ रूप सामने खड़ा था! 

रत्नम से शुरू होकर चक्र तक,
देश हमेशा लोगों के दिलों में खड़ा रहा!
हर लहराते तिरंगे झंडे में,
वेंकैया गारू का बलिदान दिखता है!

आपका सादा जीवन हमारे लिए एक आदर्श है,
आपकी देशभक्ति हमारी हमेशा की खुशी है!
तेलुगु देश के प्यारे बच्चे, आपको करोड़ों सलाम,
यह देश आपको कभी नहीं भूलेगा, सुमन!

कविता रचित के.वी. शर्मा विशाखा सन्देशम और विशाखापत्तनम दर्पण समाचार पत्र विशाखापट्नम

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