₹5,640 करोड़ का भोगापुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा राष्ट्र को समर्पित, उत्तर आंध्र के विकास को मिलेगी नई उड़ान |
यह हवाई अड्डा विशाखापत्तनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम सहित पूरे उत्तर आंध्र क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पर्यटन, आईटी, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, होटल उद्योग और निर्यात क्षेत्र में तेज़ी आएगी तथा हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक हवाई अड्डे केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले विकास केंद्र हैं। उन्होंने आंध्र प्रदेश को देश की अगली विकास शक्ति बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए लगातार निवेश कर रही है।
एयरपोर्ट का आधुनिक टर्मिनल आंध्र प्रदेश की पारंपरिक संस्कृति और वास्तुकला से प्रेरित है। इसे भविष्य की बढ़ती यात्री संख्या और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन 17 अगस्त से शुरू होने की संभावना है, जिससे वर्तमान विशाखापत्तनम हवाई अड्डे का अधिकांश यात्री संचालन यहां स्थानांतरित हो जाएगा।
प्रमुख लाभ
उत्तर आंध्र और दक्षिण ओडिशा की बेहतर हवाई कनेक्टिविटी।
पर्यटन और निवेश को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन।
डेटा सेंटर, आईटी पार्क और औद्योगिक परियोजनाओं को बढ़ावा।
हजारों रोजगार के नए अवसर।
निर्यात, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय व्यापार को नई गति।
— राघवेन्द्र मिश्रा
कार्यकारी संपादक,

Comments
Post a Comment