Skip to main content

भोले नाथ सब पर कृपा करें........

 


*सब अपने हैं*

*यह सोचना कितना गलत है*

*सब हमारे जैसे हैं*

*यह सोचना भी उतना ही गलत है।*


*कुछ हमारी ज़िंदगी में ज़रूरत के लिए आते हैं*

*कुछ मौके के लिए आते हैं।*

*कुछ इसे देखते हैं*

*वे हमें बेइज्जत करने आते हैं।*


*यहाँ 100% प्यार जैसी कोई चीज़ नहीं है।*

*सारे रिश्ते नाते दूध और घी जैसे  मिलावटी हो गए हैं*

* जो बचे हुए हैँ अब वो भी वैसे ही  हो रहे हैं।*

*ये लोग भी मिलावटी हैं*

*बड़े लोग, मिलावटी प्यार।*

*दिखावटी लोग, दिखावटी व्यवहार..

* किस पर करे विस्वास, 

* ज़ब अपनों से ही नहीं रही आस.*

* मतलब का प्यार, मतलबी यार....

* अब तो भोले बाबा ही लगाएंगे बेडा पार.....
Written and Edited by R.D.Bajpai Jd News Vision News paper Lucknow.UP.

Comments

Popular posts from this blog

स्वतंत्रता दिवस परेड में पूर्व सैनिकों ने बढ़ाया गौरव फुल ड्रेस रिहर्सल में 22 त्रि-सेवा पूर्व सैनिकों ने दिखाया अनुशासन और जज्बा |

.  Dr Raghawendra Mishra Excutive EDITOR   विशाखापत्तनम। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली परेड की तैयारियों के तहत पुलिस बैरक मैदान में फुल एवं फाइनल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया गया। रिहर्सल का निरीक्षण विशाखापत्तनम के पुलिस आयुक्त डॉ. शंखब्रत बागची, आईपीएस ने किया। रिहर्सल के दौरान 22 त्रि-सेवा पूर्व सैनिकों ने पूरे जोश, अनुशासन और उत्साह के साथ परेड में हिस्सा लिया। पूर्व सैनिकों की शानदार वेशभूषा, अनुशासित टर्नआउट और प्रभावशाली भागीदारी ने मैदान में मौजूद लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। परेड समाप्त होने के बाद पुलिस आयुक्त स्वयं अपनी टीम के साथ पूर्व सैनिकों की प्लाटून के पास पहुंचे और उनकी वेशभूषा, अनुशासन एवं शानदार प्रदर्शन की सराहना की। इस दौरान पुलिस आयुक्त और एक महिला आईपीएस अधिकारी ने पूर्व सैनिकों की प्रशंसा करते हुए कहा— “आप लोगों के आने से परेड की शान बढ़ गई।” पुलिस अधिकारियों के इन उत्साहवर्धक शब्दों से पूर्व सैनिकों में खुशी और गर्व की भावना देखने को मिली। पूर्व सैनिकों ने कहा कि देशसेवा की भावना वर्दी उतरने के बाद भी समाप्त नहीं होती। राष्ट्र...

नगर के जाने-माने समाज सेवक एवं दानदाता डॉ कमल बैद जी को नेशनल मंडेला अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया!

विशाखापट्टनम: नगर के जाने-माने समाज सेवक दानदाता और गरीबों के मसीह कहलाने वाले डॉक्टर कमल बैदा जी को गोल्ड ईरा बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा नेशनल मंडेला अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार के साथ सम्मानित किया गया! यह पुरस्कार उनके प्रतिभा एवं गरीबों की सहायता को ध्यान में रखते हुए दिया गया है! मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं डॉ कमल जी को आगे और भी अधिक से अधिक पुरस्कारों के साथ सम्मानित किया जाना चाहिए!                              के ·वी· शर्मा                                संपादक