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समाजसेवी एवं उद्योगपति स्वर्गीय बाबू एस.पी. सिंह की पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक स्मरण

.                  डॉ. रघुवेंद्र मिश्रा कार्यकारी संपादक
विशाखापट्टनम। समाजसेवा, उद्योग एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्वर्गीय बाबू एस.पी. सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। स्वर्गीय सिंह का जन्म 20 अक्टूबर 1947 को हुआ था तथा उनका निधन 2 सितंबर 2020 को हुआ।

स्वर्गीय एस.पी. सिंह Sunita Group के संस्थापक रहे, जिसके अंतर्गत पांच कंपनियां संचालित होती हैं। उद्योग जगत में अपनी पहचान बनाने के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।


उन्होंने छठ पूजा घाट, श्री गणेश पूजा कल्चरल एसोसिएशन (SGPCA) जैसी सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं की स्थापना एवं गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे भारतीय सांस्कृतिक संघ, विनायक नगर, VUDA Colony के अध्यक्ष, जन सेवा संघ, हैदराबाद के उपाध्यक्ष, विशाखा हिंदी भाषी समाज, विशाखापट्टनम के वरिष्ठ सलाहकार तथा सार्वजनिक दुर्गा पूजा, मेघाद्रिपेटा के वरिष्ठ सलाहकार भी रहे।

समाज एवं संस्कृति के प्रति उनके समर्पण और योगदान को देखते हुए उनके निधन के बाद उनके परिवारजनों तथा श्री गणेश पूजा कमेटी के संयुक्त प्रयास से उनके नाम पर “बाबू एस.पी. सिंह स्मृति द्वार” का निर्माण कराया गया। साथ ही जिस मार्ग पर यह स्मृति द्वार स्थित है, उसका नामकरण भी उनके सम्मान में “बाबू एस.पी. सिंह रोड” रखा गया।


स्वर्गीय बाबू एस.पी. सिंह की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए उनका परिवार एवं श्री गणेश पूजा कमेटी प्रत्येक वर्ष 2 सितंबर को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करता है। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाता है तथा तत्पश्चात श्रद्धालुओं एवं उपस्थित लोगों के लिए भोजन प्रसाद (लंच) की व्यवस्था की जाती है।

स्वर्गीय बाबू एस.पी. सिंह आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन समाजसेवा, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक एकता के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी लोगों को प्रेरणा देते हैं। उनकी स्मृतियां और उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्य सदैव समाज में जीवित रहेंगे।

विनम्र श्रद्धांजलि।

ॐ शांति। 🙏

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