टास्क फोर्स के अंतर्गत विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण एवं आत्महत्या रोकथाम जागरूकता कार्यक्रम के तहत श्री आर. पी. अनड़ा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बोरसद में दिनांक 25/08/2026, मंगलवार को ‘जीवन कौशल विकास कार्यशाला’ का आयोजन किया गया।इस कार्यशाला में उत्तर बुनियादी विद्यालय, छावणी (वासणा) के शिक्षक डॉ. हितेशभाई परमार ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने तथा आकस्मिक समस्या उत्पन्न होने पर स्वयं की सुरक्षा कैसे की जाए, इस विषय पर मार्गदर्शन दिया।कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने आत्मरक्षा के लिए मानसिक रूप से सशक्त होने की आवश्यकता समझाई। साथ ही वुशु एवं ताइक्वांडो खेलों के बारे में जानकारी दी। आत्मरक्षा के लिए किसी एक मार्शल आर्ट को सीखने अथवा उचित प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता पर जोर देते हुए विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को समझाया कि यदि उचित प्रशिक्षण प्राप्त हो तो संकट की स्थिति में किस प्रकार अपना बचाव किया जा सकता है।किसी आकस्मिक हमले की स्थिति में स्वयं को कैसे छुड़ाया जाए, इसका उन्होंने प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया। यदि कोई हमलावर सामने या पीछे से गला, हाथ अथवा बाल पकड़ ले, तो ऐसी स्थिति में कौन-कौन सी तकनीकों का उपयोग किया जा सकता हैतथा अपने हाथ, उंगलियों, घुटनों और शरीर की सही स्थिति का उपयोग करके किस प्रकार अपना बचाव किया जा सकता है, यह स्पष्ट रूप से समझाया गया।इस प्रकार उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी सुरक्षा के लिए दूसरों पर निर्भर न रहते हुए स्वयं को आत्मरक्षा के लिए तैयार करने का आह्वान किया।संस्था के मार्गदर्शक एवं प्राचार्य डॉ. जे. के. तलाटी ने शब्दों द्वारा स्वागत, परिचय एवं प्रासंगिक उद्बोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों के समक्ष वर्तमान परिस्थितियों का वर्णन करते हुए जीवन में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास सफलता के लिए कितने आवश्यक हैं, यह स्पष्ट किया। साथ ही कठिन समय में समस्याओं का समाधान करने के लिए स्वयं को तैयार रखने की बात कही।संस्था की NTF को-ऑर्डिनेटर एवं अध्यापिका डॉ. मीनाक्षीबेन वाणिया ने डॉ. हितेशभाई परमार को स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका अभिनंदन किया तथा कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट डॉ शैलेष वाणिया शैल खंभोलज साहित्य सेवा संस्था राष्ट्रीय अध्यक्ष आणन्द गुजरात



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