वो महान नेता जिसने सपनों का देश देखा,
बेबाक मुस्कानों का एक रास्ता।
गीत में आग की एक तेज़ किरण,
वाणी में देशभक्ति की एक निशानी।
एक हिम्मत जो हार नहीं जानती,
एक नेक दिल जो शांति चाहता है।
वो हिम्मत जो कारगिल की उथल-पुथल में भी नहीं डगमगाती,
एक सफ़र जो शायराना दिल से किया गया।
आपने तन्हाइयों का भी दिल भर दिया,
आपने कांटों के रास्तों को फूलों के रास्ते बना दिया।
आप भारत रत्न की ऊंचाइयों तक पहुंचे,
आप यादों की खुशबू बनकर हमारे बीच रहे।
आपके कदम देश के दीये हैं,
आपका शायराना गीत हमारी ज़िंदगी है।
अमर अटलजी, आपको मेरा सलाम,
देश की गुलामी की चाहत, आपको मेरा सलाम!
अटल जी के पुण्यतिथि पर एक छोटी सी कविता भेज कर रहा हूं!
के ·वी· शर्मा लेखक एवं संपादक, विशाखा संदेशम एवं विशाखापट्टनम दर्पण हिंदी पत्रिका विशाखापत्तनम आंध्र प्रदेश दूरभाष7075408286

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