अपना ईगो भूलकर
मातृभूमि की सेवा में,
दिन-रात मेहनत करते हुए
एक बहादुर लीडर की तरह!
अटूट इरादे से - लगातार आगे बढ़ते हुए,
वो देश का नाम दुनिया में फैला रहे हैं!
वो वो हाथ हैं जो गरीबों के आंसू पोंछते हैं
-एक हाथ जो युवाओं को नई एनर्जी देता है
एक दीये की तरह जो जलता है!
कदम दर कदम - एक कभी न रुकने वाली
यात्रा के साथ,वो एक विजेता की तरह
भारत के रथ को आगे बढ़ा रहे हैं
के ·वी· शर्मा लेखक एवं संपादक, विशाखा संदेशम एवं विशाखापट्टनम दर्पण हिंदी पत्रिका विशाखापत्तनम आंध्र प्रदेश दूरभाष7075408286

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