श्रावण की खूबसूरती
काले बादल आसमान को छू रहे हैं,
ठंडी हवाएं धीरे-धीरे चल रही हैं,
पुदामी के दिल में आज बारिश आई है,
आज हर गांव में जान आई है!
बिजली चमकती है, गरजती है,
बारिश की बूंदें बारिश की बूंदों में लिपटी हैं,
नेलम्मा अपनी जवानी से खुश है,
उसने श्रावण में हरी साड़ी बांधी है!
नदियां घुमावदार और घुमावदार हैं,
हरी घास से कलकल टपक रही है,
मेंढक टर्रा रहे हैं,
पक्षी अपने घोंसलों में लौट आए हैं।
सूरज की गर्मी आज पिघल गई है,
उम्मीदों का रूप आज खिल गया है,
आज प्रकृति की रानी को जीवन का सम्मान मिला है,
देखो, बारिश का सृजन आया है!
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श्रावण लक्ष्मी
यह शुभ महीना है,
यह मन मोह लेने वाला श्रावण है!
हरे-भरे मेहराबों का हरा-भरा इंद्रधनुष
खुश करने वाला प्रकृति का घर।
छोटी-छोटी फुहारों के मोतियों के हार,
मछली पकड़ने वाले नोमा की शान।
मंगला गौरी पूजा के समय,
पूरा घर उत्सव की कलाओं की माला होता है।
वरलक्ष्मी का रूप मोतियों का गुच्छा है,
सुमंगली नोमा का भक्ति गीत।
कमलों के पैरों की आवाज़,
मन को नम करने वाला अमृत।
भक्ति से नापा गया पवित्र महीना,
अच्छी किस्मत लाने वाला श्रावण हेला!
लेखक एवं संपादन के ·वी· शर्मा

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