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मेरा भारत महान है



मेरा भारत महान 

विविधता बहुत है

पर एकता महान है,

यही कारण है कि भारत महान है।

संस्कृति और परंपराएँ

अलग-अलग हैं,

आस्थाएँ भी भिन्न हैं,

फिर भी भारत सभी के त्योहार मनाता है।

प्यार और दया

मानवता ही इसकी पहचान है, 

यही कारण है कि भारत महान है।


मुझे अपने देश से प्यार है

उत्तर में हिमालय,

 दक्षिण में हिंद महासागर,

 पश्चिम में अरब सागर

 और पूर्व में बंगाल की खाड़ी।


मुझे अपने देश से प्यार है

, विकसित संस्कृति और 

सुंदर मूर्तिकला के साथ, 

लोगों को अपना काम सबसे अच्छे 

से करने के लिए कोई आराम नहीं मिलता।


मुझे अपने देश से प्यार है,

 वे हमें राशन में चावल देते हैं, 

वे लेटेस्ट फैशन के कपड़े पहनते हैं

वे कई आविष्कार करते हैं जो काल्पनिक हैं।


मुझे अपने देश से प्यार है

 जिसमें कई हिल स्टेशन हैं

 जो भगवान की बनाई हुई हैं, यह हमें सुरक्षा देते हैं

 और हमें तनाव से बचाते हैं।


          स्वतंत्रता दिवस 


देश के झंडे के नीचे खड़े होकर 

हम अपने देश से प्यार करने का वादा करते हैं,

 इसकी तरक्की के लिए कड़ी मेहनत करने 

और इसकी सुरक्षा के लिए मरते दम तक 

लड़ने का वादा करते हैं


आसमान की तरफ देखते हुए 

हम इसे बहुत गर्व और 

हिम्मत के साथ सलाम करते हैं, 

हम इसे हवा में बहते हुए प्यार करते हैं 

और पुराने दिनों के संघर्षों को याद करते हैं


राष्ट्रगान की आवाज़ हवा में तैरती है 

जो इसे शुद्ध और दिव्य बनाती है,

 चाहे कुछ भी हो जाए हमारा देश

 आगे बढ़ेगा और हमेशा चमकता रहेगा


हम अपनी मातृभूमि, 

अपने झंडे से प्यार करते हैं

, हम इस ज़मीन के पैदाइशी देशभक्त हैं,

 हम शांति और प्यार के लिए काम करते हैं 

और अपने देश को महान बनाने की कोशिश करते हैं

इस स्वतंत्रता दिवस पर

हम बीते सालों को याद करते हैं।

हम आज के दिन का सम्मान करते हैं

क्योंकि हमारा झंडा, पुरानी शान, हमेशा रहेगा।

इस स्वतंत्रता दिवस पर

दो सदियों पहले, हमने न्याय

और आज़ादी के लिए अपनी 

आज़ादी का ऐलान किया था।

आइए हम खुशी और ईमानदारी

 से स्वतंत्रता दिवस मनाएं!!!

आदिवासी दिवस (9.8.2026)

वन माता की संतान

हम हरे-भरे पेड़ों की छाया में जन्म लेते और पले-बढ़े हैं,

प्रकृति पर भरोसा करके जीते हैं।

हम वो हैं जो बेपरवाही से हंसते हैं,

हम वन माता की गोद में मासूम बच्चे हैं।


पहाड़ों के कोने हमारे घर हैं - हमारे दिल हिम्मत से भरे हैं,

हमारे गीत पेड़ों के पत्ते हैं - धरती हमारा घर है।

हम किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते - हमारा शुद्ध स्वभाव,

त्याग के साथ हमारी यात्रा निरंतर है। [1]


भले ही समय बदले - हमारी परंपरा नहीं बदलती,

अधिकारों की लड़ाई में - हमारी आवाज पीछे नहीं हटती।

आदिवासी जाति का गौरव - वन के बच्चों की आवाज,

हमें दुनिया को दिखाना है - हमारे जीवन की शान।

के.वी.शर्मा द्वारा रचित कविता संपादक विशाखा संदेशम एवं विशाखापत्तनम दर्पण समाचार पत्र विशाखापत्तनम सेल नंबर 7075408286

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