माफ़ी भावनाओं का अमृत है,
एक दिव्य दवा है जो नफ़रत मिटा देती है।
एक मीठा गुण जो गुस्सा निकालता है, शांति बढ़ाता है,
और मन को शांत करता है।
अगर मन में छिपी नाराज़गी पिंजरे हैं,
तो माफ़ी वह ताला है जो उन बंधनों को तोड़ देता है।
गलतियाँ करना इंसान का स्वभाव है,
लेकिन माफ़ी दिव्यता की निशानी है।
आइए हम घायल दिलों को ठीक करें,
और गंदे बंधनों को धो डालें।
माफ़ी के इस पवित्र दिन पर,
आइए हम माफ़ करें, माफ़ी माँगें और आगे बढ़ें।
कविता के.वी. शर्मा एडिटर विशाखा संदेश और विशाखापत्तनम दर्पण समाचार पत्रिका विशाखापत्तनम सेल नंबर: 7075408286 द्वारा रचित

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