अंधेरे के परदे हटाने के लिए,
ज़िंदगी के नए रास्ते बनाने के लिए,
चलो लिटरेसी की मशाल जलाएं -
चलो अज्ञानता के कोहरे को पिघलाएं!
किसान की मुश्किलों पर रोशनी डालें,
मज़दूर के दिलों में हिम्मत बढ़ाएं,
शिक्षा हर दरवाज़े पर पहुंचाएं,
तरक्की का रथ आगे बढ़ाएं!
कलम उठाओगे तो नज़रिया बदलेगा,
लिखोगे तो जीने का तरीका बदलेगा,
देश के भविष्य की नींव रखी जाएगी,
ज्ञान का महल शान से खड़ा होगा!
आओ... लिटरेसी फैलाएं,
चलो सबको शिक्षा दें,
चलो अज्ञानता को दूर भगाएं -
चलो एक प्रोग्रेसिव इंडिया बनाएं!
कविता के.वी. शर्मा एडिटर विशाखा संदेश और विशाखापट्नम दर्पण समाचार पत्रिका विशाखापट्नम सेल नंबर 7075408286 द्वारा रचित

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