आणन्द, गुजरात खंभोलज, 30 सितंबर 2026 खंभोलज साहित्य सेवा संस्था द्वारा बुधवार को सुबह 7 बजे ‘मानवता’ विषय पर फटाफट ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के कवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी काव्य रचनाओं के माध्यम से मानवता, प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमेरिका (गुजरात) से चन्द्रवदन मेहता ‘माशूक’ तथा विशिष्ट अतिथि आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से के. वी. शर्मा उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश की गीता पांडेय ‘अपराजिता’ ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों का परिचय एवं स्वागत संरस्तुत की। अतिथियों का परिचय एवं स्वागत संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शैलेष वाणिया ‘शैल’ ने किया।संस्था की राष्ट्रीय सचिव प्रीति परमार ‘प्रीत’ ने अपने सहयोग से व्हाट्सएप फोरम की गरिमा एवं सुंदरता बढ़ाई। इस अवसर पर कुल 25 कवियों ने अपनी स्वरचित रचनाएँ प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के व्हाट्सएप ग्रुप में 598 सदस्य जुड़े हुए थे।कवि सम्मेलन में गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के कवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से मानवता के महत्व को रेखांकित किया। संस्था की ओर से प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंत में किरण चोनकर ‘दीवानी’ ने आभार व्यक्त किया। सुबह 9 बजे आरती तिवारी सनत ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। अंत में ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ कवि सम्मेलन का समापन हुआ।यह ऑनलाइन आयोजन साहित्य के माध्यम से मानवता, आपसी प्रेम, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रहा।

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