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एक पत्रकार का दिल


एक पत्रकार सच के लिए 

लड़ने वाला सिपाही है,

एक पत्रकार समाज के अंधेरे को

 चीरती रोशनी की किरण है।
एक बहादुर आदमी जो कलम उठाकर 

जंग के मैदान में कूद पड़ता है,
एक लगातार काम करने वाला 

जो सच को सामने लाता है।

एक दिल जो पीछे नहीं हटता, 

भले ही उसकी जान चली जाए,
एक आवाज़ जो सत्ता के घमंड 

के सामने खड़ी होती है,
भले ही उसे कई धमकियों और

 दबावों का सामना करना पड़े,
वह हीरे जैसा हथियार है 

जो इंसाफ के साथ खड़ा होता है।

इस सफर में दिन और 

रात का कोई फर्क नहीं है,
इस जिंदगी में न खाना है

, न समय पर सोना है।
खबरों की लगातार चाहत,
हर लड़ाई समाज की भलाई के लिए है।

ये वो दिन हैं जो ईमानदारी

 का इम्तिहान लेते हैं,
झूठ के बीच सच की

 रक्षा करना मुश्किल है।
फिर भी, कलम नहीं रुकेगी

, आवाज़ नहीं खामोश होगी,
एक पत्रकार की सांस 

कभी झूठी नहीं होगी। 

के.वी.शर्मा द्वारा रचित कविता संपादक विशाखा संदेशम और विशाखापट्टनम दर्पण समाचार पत्रिका विशाखापत्तनम सेल नंबर 7075408286

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