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सेंट जोसेफ महिला कॉलेज और UGC-MMTTC के संयुक्त तत्वावधान में NEP ओरिएंटेशन पर 8-दिवसीय राष्ट्रीय FDP सफलतापूर्वक संपन्न**


विशाखापट्टनम:** सेंट जोसेफ कॉलेज फॉर वूमेन (ऑटोनॉमस), विशाखापट्टनम ने दिल्ली विश्वविद्यालय के एसजीटीबी खालसा कॉलेज स्थित यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (UGC-MMTTC) के सहयोग से 8-दिवसीय राष्ट्रीय ऑनलाइन संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) का सफल आयोजन किया। "एनईपी ओरिएंटेशन एंड सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम" (59वां बैच) विषय पर आधारित यह कार्यक्रम 10 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन शाम 5:00 बजे से रात 8:30 बजे तक आयोजित किया गया। इसमें देश भर से बड़ी संख्या में प्रशासकों, शिक्षकों और शोधार्थियों ने भाग लिया।

यह कार्यक्रम कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सिस्टर शाइजी पी.डी. के संरक्षण में आयोजित हुआ। सेंट जोसेफ महिला कॉलेज की आयोजन समिति का नेतृत्व रसायन विज्ञान विभाग की डॉ. पी. शारदा (सिलेक्शन ग्रेड लेक्चरर) और डॉ. आदित्य दीप्ति (प्रभारी अध्यक्ष, रसायन विज्ञान विभाग) द्वारा किया गया।

इस 8-दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न सत्रों का संचालन UGC-MMTTC के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों और शिक्षाविदों द्वारा किया गया:


* **प्रो. वेद प्रकाश** (मेंटर, UGC-MMTTC एवं पूर्व अध्यक्ष, यूजीसी, दिल्ली) ने *"NEP ओवरव्यू; उच्च शिक्षा और समाज"* तथा *"कौशल विकास"* विषयों पर व्याख्यान दिया।

* **प्रो. (डॉ.) ए.के. बख्शी** (संस्थापक कुलपति, पीडीएम विश्वविद्यालय) ने *"उच्च शिक्षा और समाज"*, *"आईसीटी और शिक्षार्थी-केंद्रित मॉडल"* एवं *"कौशल विकास"* पर सत्र संचालित किए।

* **प्रो. विमल रढ़** (निदेशक, UGC-MMTTC) ने *"पाठ्यचर्या विकास, शिक्षण-अधिगम और मूल्यांकन"* के महत्वपूर्ण पहलुओं को रेखांकित किया।

* **प्रो. अरुण जुल्का** (वाणिज्य विभाग, महाराजा अग्रसेन कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने *"शिक्षण और अनुसंधान में आईसीटी के उपयोग के लिए व्यावहारिक कौशल"* पर शिक्षकों को प्रशिक्षित किया।

* **श्री नरेंद्र कुमार सिन्हा** (IAS, पूर्व अतिरिक्त सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, एमएचआरडी) ने *"सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT)"* विषय पर मार्गदर्शन किया।

* **प्रो. बिभु प्रसाद साहू** (अध्यक्ष, व्यावसायिक अर्थशास्त्र विभाग, एसजीटीबी खालसा कॉलेज) ने *"अनुसंधान और विकास"* पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

* **डॉ. शिमला** (पूर्व रजिस्ट्रार, जेसी बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हरियाणा) ने *"भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge Systems)"* पर अपने विचार साझा किए।

इस संकाय विकास कार्यक्रम ने उच्च शिक्षा क्षेत्र में आ रहे नीतिगत बदलावों को समझने और आधुनिक शिक्षण टूल्स को अपनाने में प्राध्यापकों की कार्यक्षमता को सुदृढ़ किया।

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