. Dr Sailesh vania Buero Chief Gujarat
खंभोलज, आणंद, गुजरात। दिनांक: 26 अक्टूबर 2026 खंभोलज साहित्य सेवा संस्था द्वारा सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को ‘शरद पूर्णिमा’ विषय पर फटाफट ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक कार्यक्रम में देश के कवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी सुंदर एवं मौलिक रचनाएँ प्रस्तुत कीं।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से श्री के. वी. शर्मा जी उपस्थित रहे। गुजरात की कवयित्री उषा दावडा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. शैलेष वाणिया ‘शैल’ ने अतिथियों का परिचय देते हुए उनका स्वागत किया। संस्था की नेशनल सेक्रेटरी प्रीति परमार ‘प्रीत’ ने अपने सहयोग से व्हाट्सएप साहित्यिक मंच की गरिमा और सुंदरता बढ़ाई।इस अवसर पर कुल 21 कवि-कवयित्रियों ने ‘शरद पूर्णिमा’ विषय पर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं। शरद पूर्णिमा की चाँदनी, प्रेम, प्रकृति, भक्ति और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी काव्य अभिव्यक्तियों ने साहित्यिक वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। संस्था के व्हाट्सएप समूह में 604 सदस्य जुड़े हुए थे। कार्यक्रम में भाग लेने वाले रचनाकारों को संस्था के अध्यक्ष द्वारा डिजिटल सम्मान-पत्र प्रदान किए गए।काव्य पाठ करने वाले कवि-कवयित्रियों के नाम इस प्रकार हैं:डॉ. शैलेष वाणिया ‘शैल’, प्रीति परमार ‘प्रीत’, उषा दावडा, रागिनी शुक्ल ‘राग', कैलाशबेन पटेल, कोमल वर्मा, आर. डी. बाजपे', विवेक मिश्रा, सुषमा बंजारे, डॉ. अनन्तराम चौबे ‘अनन्त’, कवयित्री अन्नपूर्णा मालवीया ‘सुभाषिनी’, धनजीभाई गढ़िया ‘मुरली’, जूनागढ़, कैलाश मांडलिया सोनी, रमेश पटेल ‘आकाशदीप’, कैलिफोर्निया, किरण चोनकर ‘दीवानी’, पालजीभाई राठोड़ ‘प्रेम’, डॉ. राजेश तिवारी ‘मक्खन’, झाँसी, निलेश राठोड़, हर्षाबहन, राजेश परमार, गीता मकवाणा कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से जुड़े साहित्यकारों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया। सुबह 9 बजे दिल्ली की आरती तिवारी ‘सनत’ ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया, जिससे कार्यक्रम में देशभक्ति का भाव जागृत हुआ। अंत में किरण चोनकर ‘दीवानी’ ने सभी अतिथियों, कवि-कवयित्रियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।खंभोलज साहित्य सेवा संस्था साहित्य, संस्कृति और काव्य प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निरंतर ऐसे आयोजन करती रहती है। ‘शरद पूर्णिमा’ विषय पर आयोजित इस ऑनलाइन कवि सम्मेलन ने साहित्यकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने और आपसी साहित्यिक संबंधों को मजबूत करने का सुंदर अवसर प्रदान किया,
खंभोलज, आणंद, गुजरात। दिनांक: 26 अक्टूबर 2026 खंभोलज साहित्य सेवा संस्था द्वारा सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को ‘शरद पूर्णिमा’ विषय पर फटाफट ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक कार्यक्रम में देश के कवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी सुंदर एवं मौलिक रचनाएँ प्रस्तुत कीं।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से श्री के. वी. शर्मा जी उपस्थित रहे। गुजरात की कवयित्री उषा दावडा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. शैलेष वाणिया ‘शैल’ ने अतिथियों का परिचय देते हुए उनका स्वागत किया। संस्था की नेशनल सेक्रेटरी प्रीति परमार ‘प्रीत’ ने अपने सहयोग से व्हाट्सएप साहित्यिक मंच की गरिमा और सुंदरता बढ़ाई।इस अवसर पर कुल 21 कवि-कवयित्रियों ने ‘शरद पूर्णिमा’ विषय पर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं। शरद पूर्णिमा की चाँदनी, प्रेम, प्रकृति, भक्ति और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी काव्य अभिव्यक्तियों ने साहित्यिक वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। संस्था के व्हाट्सएप समूह में 604 सदस्य जुड़े हुए थे। कार्यक्रम में भाग लेने वाले रचनाकारों को संस्था के अध्यक्ष द्वारा डिजिटल सम्मान-पत्र प्रदान किए गए।काव्य पाठ करने वाले कवि-कवयित्रियों के नाम इस प्रकार हैं:डॉ. शैलेष वाणिया ‘शैल’, प्रीति परमार ‘प्रीत’, उषा दावडा, रागिनी शुक्ल ‘राग', कैलाशबेन पटेल, कोमल वर्मा, आर. डी. बाजपे', विवेक मिश्रा, सुषमा बंजारे, डॉ. अनन्तराम चौबे ‘अनन्त’, कवयित्री अन्नपूर्णा मालवीया ‘सुभाषिनी’, धनजीभाई गढ़िया ‘मुरली’, जूनागढ़, कैलाश मांडलिया सोनी, रमेश पटेल ‘आकाशदीप’, कैलिफोर्निया, किरण चोनकर ‘दीवानी’, पालजीभाई राठोड़ ‘प्रेम’, डॉ. राजेश तिवारी ‘मक्खन’, झाँसी, निलेश राठोड़, हर्षाबहन, राजेश परमार, गीता मकवाणा कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से जुड़े साहित्यकारों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया। सुबह 9 बजे दिल्ली की आरती तिवारी ‘सनत’ ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया, जिससे कार्यक्रम में देशभक्ति का भाव जागृत हुआ। अंत में किरण चोनकर ‘दीवानी’ ने सभी अतिथियों, कवि-कवयित्रियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।खंभोलज साहित्य सेवा संस्था साहित्य, संस्कृति और काव्य प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निरंतर ऐसे आयोजन करती रहती है। ‘शरद पूर्णिमा’ विषय पर आयोजित इस ऑनलाइन कवि सम्मेलन ने साहित्यकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने और आपसी साहित्यिक संबंधों को मजबूत करने का सुंदर अवसर प्रदान किया,

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