*विशाखापत्तनम::शनिवार को विशाखा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में VIMS के डायरेक्टर डॉ. वी. मनमाधा राव की देखरेख में वर्ल्ड ट्रॉमा डे मनाया गया।
इस मौके पर, "एक फोन कॉल... एक कीमती जान बचाएं...! आइए एक्सीडेंट के शिकार लोगों के साथ खड़े हों... आइए जानें बचाएं...!" स्लोगन के साथ एक अवेयरनेस प्रोग्राम रखा गया।
डॉ. वी. मनमाधा राव ने कहा कि हर साल 17 अक्टूबर को मनाए जाने वाले वर्ल्ड ट्रॉमा डे का मुख्य मकसद सड़क हादसों, ऊंचाई से गिरने और काम पर एक्सीडेंट से होने वाली गंभीर चोटों के बारे में अवेयरनेस फैलाना, एक्सीडेंट को रोकना और घायलों को समय पर इमरजेंसी मेडिकल केयर देना है।
एक्सीडेंट के बाद पहले घंटे को गोल्डन आवर कहा जाता है, और इस दौरान इमरजेंसी मेडिकल केयर देना जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है।
एक्सीडेंट होने पर तुरंत 108 पर कॉल करें, एक्सीडेंट वाली जगह को सुरक्षित रखें, पीड़ित को बेवजह न हिलाएं, खून बहने पर साफ कपड़े से दबाएं, पीड़ित की सांस पर ध्यान दें और मदद आने तक उसकी हिम्मत बढ़ाएं। उन्होंने एक्सीडेंट के पीड़ितों की मदद करने से न डरने की सलाह दी और कहा कि भारत में अच्छी नीयत से मदद करने वालों को कानूनी सुरक्षा मिलती है। इस मौके पर सभी ने शपथ ली, "मैं सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करूंगा, एक्सीडेंट के पीड़ितों को नज़रअंदाज़ नहीं करूंगा और इमरजेंसी में 108 पर कॉल करूंगा।" इस प्रोग्राम में हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. मनोज कुमार, 108 स्टाफ और नर्सिंग स्टाफ ने हिस्सा लिया।

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