एक ऐसा इंसान जिसने अपनी मुस्कान में शांति बसाई,
एक ऐसा इंसान जिसने अपनी हिम्मत में स्टील पिघलाया!
एक सादा जीवन था उसका चलना,
सच्चाई उसका गुण था जिसने उसे इंसानियत की ओर बढ़ाया।
सफेद खादी के कपड़े के पीछे कुर्बानी की धूल है,
देश के लिए खड़े होने वाले बहादुरों की सुबह!
'जय जवान जय किसान' के नारे के साथ,
वह पलक झपकते ही देश के जवानों और किसानों को छोड़कर चले गए।
एक महान इंसान जो गरीबी के साये से ऊपर उठा,
एक ऐसा नेता जो लोगों के दिलों में हमेशा रहेगा।
उसके दिखाए रास्ते पर चलना हमारा फर्ज है,
उस महान इंसान को याद करना हमारा सौभाग्य है
के.वी.शर्मा द्वारा रचित एडिटर विशाखा संदेश समाचार पत्रिका विशाखापत्तनम सेल नंबर 7075408286

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