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"विश्व हिंदी दिवस पर कविता",

 हिंदी       हमारी   मातृभाषा   है, हम      इसका   उत्थान    करेंगे, हिंदी   ही   भारत   की   पहचान, हिंदी  ही संस्कृति   की    पहचान, हिंदी   शब्दों  में  ही   मधुरता    है, हिंदी       हिंदुस्तान   की     भाषा, हम   इसका  गौरव  बनाकर  रखें, हिंदी ही अखंड भारत की पहचान, हिंदी    ही   जनमानस   की   भाषा, हिंदी से ही सभ्यता का  जन्म  हुआ, विश्व   में इस   भाषा का  प्रचार हो, विश्व हिंदी दिवस पर    शुभकामनाएं,                                                                      ...

*चैंपियंस का समर्थन, भविष्य का निर्माण!*

  के.वी.शर्मा, संपादक, वेटरन एथलेटिक्स एसोसिएशन ट्रस्ट, विशाखापत्तनम* ने पुलिस बैरक कॉन्फ्रेंस हॉल में *सिटी पुलिस कमिश्नर डॉ. शंख ब्रत बागची* द्वारा अपने आधिकारिक **लोगो** का अनावरण करके एक गौरवपूर्ण कदम आगे बढ़ाया। “ VAAV* के मुख्य संरक्षक, *डॉ. कमल बैद* के दूरदर्शी नेतृत्व में स्थापित, इस ट्रस्ट ने शहर के उन प्रतिभाशाली एथलीटों की मदद के लिए एक **विशेष खेल कल्याण कोष** शुरू किया है जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमकते हैं। कमिश्नर *डॉ. शंख ब्रत बागची* ने ट्रस्ट के मिशन की प्रशंसा की, डॉ. कमल बैद की निस्वार्थ सेवा की सराहना की और इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे वित्तीय और सामाजिक समर्थन वंचित एथलीटों को नई ऊँचाइयाँ हासिल करने और विशाखापत्तनम का नाम रोशन करने के लिए सशक्त बना सकता है।  उन्होंने ट्रस्टियों *नंदूरी रामकृष्ण, सुभोद कुमार राखेचा, डॉ. मंगा वरप्रसाद, चिंतालपति श्रीनिवासराजू,* और *कपिल अग्रवाल* को भी बधाई दी।  इस आयोजन में *VAAV सचिव एल. सुधाकर* और *कोषाध्यक्ष एम. रामाराव* की सक्रिय भागीदारी देखी गई।

बदलते जमाना-दीवाना

 जमाना   बदल    गया  है,   घोर अंधकार छा   गया है,    जही  भी    देख  भ्रष्टाचार,   इंसानियत   का नाम नहीं,   कैसी   झूठी    दुनिया   है,   सारा   जग   पाप  से  भरा,   छोटे बड़ों की  परवाह नहीं,   मनमानी से चल रहा संसार,   माता-पिता का परवाह नहीं,   फिर भगवान का होगा क्या,   इस     मतलबी   दुनिया  में,   पैसे     ही  सब    कुछ    हैं,   दीवाना  मैं पागल  बनकर   घूम  रहा हूं,   मैं किसी   बात को  नहीं मानूंगा,   अगर    कोई    कुछ  भी कह दे,   लेकिन  बहकावे में नहीं आऊंगा,   किसी  से   कुछ   कहना   नहीं,   मुझे  ...

इंसान का स्वार्थ

अगर आप जो आपके पास है उसकी उपेक्षा करते हैं...* *अगर आप जो आपके पास नहीं है उसके लिए तरसते हैं...* *आप कभी भी खुशी से नहीं रह सकते...!!* *कमाई इंसान के लिए ज़रूरी है* *मन की शांति ज़रूरी है* *जब कमाई और मन की शांति दोनों हों* *एक इंसान हमेशा खुश रह सकता है...!!*                               के. वी.  शर्मा,                              विशाखापट्टनम,                                 आंध्र प्रदेश,                        दूरभाष-7075408286

विश्वास ( एक काल्पनिक कहानी)

*देखो, इस दादी ने कॉफ़ी का ढक्कन हटाने के बारे में कितनी अच्छी बात कही। फलों और फूलों से घिरा एक खूबसूरत घर, जिसमें सिर्फ़ दादी और दादाजी ही रहते हैं। हर रोज़, वे शाम के समय बगीचे में बाहर कॉफ़ी पीते हुए कुछ समय बिताते हैं। एक नवविवाहित जोड़ा बगल में रहने आया है। वे दोनों काम करते हैं। हफ़्ते के अंत में, वे इन दादी और दादाजी के साथ कुछ समय बिताते हैं। उन्हें पूरे हफ़्ते की मेहनत सिर्फ़ एक शाम के लिए वहाँ बिताने की आदत हो जाती है। दादी के हाथ से बनी कॉफ़ी भी इसकी एक वजह है। दादी कॉफ़ी का डिब्बा लेकर आईं और दादाजी से पूछा कि क्या वे ढक्कन हटा सकते हैं। उन्होंने अपनी मूंछों पर हाथ फेरा और ढक्कन हटा दिया। दादी मुस्कुराईं और उन चारों के लिए कॉफ़ी बनाने चली गईं। दो हफ़्ते तक यह सब देखने के बाद, उस जोड़े ने दादी के लिए एक ऐसा औज़ार लाया जिससे कॉफ़ी का ढक्कन आसानी से हटाया जा सकता था। फिर भी, दादी वही धागा दादाजी के लिए ले आईं। हटाने के लिए कहना जब एक लड़की ने यह देखा, तो वह अपनी दादी के साथ गई और उनसे पूछा, क्या दादी ने मेरे दिए औज़ार का इस्तेमाल नहीं किया? तब उसे लगा कि अगर वह द...

वरिष्ठ कवि के वी शर्मा को हिंदी दिवस पर मिला विश्व हिंदी रत्न मानद उपाधि सम्मान

लुंबिनी/  विशाखापट्टनम, ब्यूरो रिपोर्ट। सितंबर 14 आंध्र प्रदेश की ख्याति प्राप्त  कवि  तथा वरिष्ठ साहित्यकार  के  वी शर्मा को विश्व हिंदी दिवस पर सम्मानित किया गया है। नेपाल की प्रसिद्ध संस्था शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउन्डेशन नेपाल द्वारा हिंदी दिवस के संदर्भ में आयोजित विश्व हिंदी कविता प्रतियोगिता में उत्कृष्ट कविता के आधार पर   के वी  शर्मा को विश्व हिंदी रत्न मानद उपाधि सम्मान से प्रशस्ति पत्र सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया है।  ज्ञात हो कि  के वी शर्मा विशाखापत्तनम आंध्र प्रदेश संपादक के पद पर कार्यरत हैं इनकी  कई कविताएं देश की विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी है तथा साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दर्जनों प्रतिष्ठित सम्मान भी मिल चुके हैं। सम्मान ग्रहण करते हुए   के वी  शर्मा ने कहा - हम सभी कवि कवयित्रियों की कविता का मूल्यांकन अंतर्राष्ट्रीय संस्था द्वारा होना गौरव का विषय है। शब्द प्रतिभा निष्ठा और लगन से देश विदेश के कवि, लेखक और साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने क...

हिंदी दिवस पर कविता,

 हिंदी   भाषा  पर     विश्वास,   हिंदी है    स्नेह  और  दुलारी,   हिंदी  मिश्री   से   भी  मीठा,   यही हिंदी भाषा   की   शान,   हिंदी     हिंदुस्तान  की   भाषा,   हिंदी  भाषा   को     अपनाओ,   हिंदी हमारी संस्कृति की भाषा,   हिंदी से ही जीना और मरना है,   हिंदी  भाषा भारत  की  आशा,   जिसने      सबको    जोड़ा   है,   ऐसी    जीवन   रेखा  है  हिंदी,   जो जीवन  की     परिभाषा है,   हमारा     जन्म   हिंदुस्तान  में,   हमें   गर्व    से     कहने    की,    हम            हैं     ...