(1) मछुआरे के जाल से निकलकर, पानी में ........आज़ादी से, मछली की तरह! पिंजरे से निकलकर, बाहर की दुनिया में ........जैसे पेड़ पर बैठा तोता! शेर की खाल छोड़कर, झाड़ियों से कूदते हुए ........जैसे हिरण, घास पर चलते हुए! हरि के चक्र पर मारा गया अजगर ........जैसे गुज़र गया कोई आँगन! (2) सालों से मर रहा देश, सालों की तकलीफ़ के बाद, भारतम्बा, जिसने आज़ादी पाई है, ऐसे महान इंसान की प्रार्थना हो! स्वतंत्रता दिवस भास्वत पर्व राजा! ....भारत माता वैभव वरम्मा! जब आप साल में एक बार मनाते हैं ....हम अपने दिलों में आपकी पूजा करते हैं कई सदियों के शासन के दौरान ....भारत माता ने कई मुश्किलें झेलीं बड़े नेताओं की बड़ी कोशिशों से ....आपने बलिदान का फल पाया है विजय स्वतंत्रता दिवस! विजय विजय विजय भारत माता! विजय विजय विजय देश के नेताओं! विजय विजय विजय भारत के भाइयों! विजय विजय वंदे मातरम के मंत्र के साथ ...